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नशे में धुत दरोगा ने सीओ और एसओ पर तानी रिवॉल्वर

Thu, 27 Dec 2012 11:53 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
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आला अधिकारी पुलिसवालों को सुधारने की कोशिश करते-करते थक गए पर न तो नशाखोरी थमी और न खाकी की बदमिजाजी। गंगापार के मऊआइमा थाने में बुधवार दोपहर नशे में धुत दरोगा ने ऐसा कारनामा किया कि एसओ और सीओ से लेकर एसपी तक सन्न हैं।
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मुकदमों के बारे में पूछने पर नशेड़ी दरोगा ने थानेदार पर घूसखोरी का इल्जाम लगा खूब गालियां दीं। सीओ को भी हड़काया। प्रतिरोध करने पर दरोगा ने रिवॉल्वर तानी तो एसओ और सीओ ने थाने से भागकर जान बचाई। थाने में हंगामा और तमाशा करने वाले दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।

सीओ सोरांव राहुल मिश्र बुधवार दोपहर मऊआइमा थाने में लंबित मुकदमों की समीक्षा कर रहे थे। वह मुकदमों की विवेचना कर रहे दरोगाओं से सवाल-जवाब भी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने दफा 308 के एक मुकदमे से आरोपी अजय कुमार का नाम निकालने की बाबत दरोगा सुल्खान सिंह से सवाल किया तो वह तैश में आ गया। दरोगा ने थानेदार मनोज राय पर पैसे लेकर मुकदमे से नाम निकलवाने का इल्जाम लगाया। थानाध्यक्ष ने इसे झूठ कहा तो दरोगा ने उन्हें खूब गालियां दीं।
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सीओ ने शराब के नशे में बहके दरोगा को किसी तरह शांत किया। कुछ देर बाद उन्होंने इसी दरोगा सुल्खान सिंह से एक और मुकदमे से धारा 436 हटाने की वजह पूछी तो वह आगबबूला हो गया। दरोगा ने फिर एसओ को गालियां देते हुए कहा कि पैसे लेकर नाम हटवाया गया है। वह जोर-जोर से चीखने और हाथ दिखाकर एसओ को पीटने का इशारा करने लगा।

एसओ ने फटकारा तो दरोगा ने रिवॉल्वर निकाल ली। धमकी दी कि थानेदार को गोली से उड़ा देगा। सीओ ने शांत कराने की कोशिश की तो उन्हें भी धमका दिया। इस पर घबराए सीओ और एसओ फौरन थाने से निकल गए। ज्यादातर पुलिसवाले भी थाने से दूर जाकर खड़े हो गए। तब भी दरोगा थाना परिसर में टहलते हुए चीखता और गालियां देता रहा। सीओ ने नशेड़ी दरोगा की कारगुजारी के बारे में एसएसपी को बता दिया। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया।

थाने में देशी-अंग्रेजी की बोतलों के ढेर
पुलिसवालों ने बताया कि मऊआइमा थाने में मौजूदा समय में दो दरोगा अक्सर नशे में डूबे रहते हैं। बुधवार को बवाल काटने वाला दरोगा देशी दारू का लती है। उसके कमरे के पीछे देशी की बोतलों का ढेर लगा है, जबकि दूसरे दरोगा के कमरे के बाहर अंग्रेजी शराब की बोतलें फैली हैं। पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय लोग भी उनसे त्रस्त हैं।
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‘थाने के भीतर नशे में दरोगा की करतूत शर्मनाक है। इस बारे में सीओ से जानकारी मिलने पर एसएसपी ने उस दरोगा को निलंबित कर दिया।’
- शफीक अहमद, एसपी गंगापार
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