इंटरमीडिएट पास विद्यार्थियों को बांटे जा रहे मुफ्त लैपटॉप के बहाने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले भी अपना गोरखधंधा चमकाने में लगे हैं। जालसाज छात्रों को झांसा दे रहे हैं कि सरकार एचपी कंपनी का जो लैपटॉप मुफ्त दे रही है वह बाजार में 34 हजार रुपये का है। इसके आधे खर्च में बनवाई गई इंटरमीडिएट की मार्कशीट से लैपटॉप भी मिल जाएगा और स्नातक में दाखिला भी।
शिया कॉलेज में पकड़ा गया छात्र
शिया कॉलेज में मंगलवार को ऐसा ही एक छात्र पकड़ा गया जिसने लैपटॉप की लालच में दो बार फर्जी मार्कशीट बनवा डाली। वह मुख्यमंत्री से लैपटॉप पाने में कामयाब भी हो जाता, लेकिन ऐन मौके पर मार्कशीट खोने की बात ने उसके मंसूबे पर पानी फेर दिया। उसने दोनों मार्कशीट बाराबंकी के एक प्रिंसिपल से बनवाई थी। हालांकि, लिखित बयान देने के बाद वह बहाना बनाकर भाग निकला। प्राचार्य ने उसके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
पहले फैजाबाद से बनवाई थी फर्जी मार्कशीट
शिया पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमएस नकवी ने बताया कि छात्र वीरपाल ने बीते साल एलआरके इंटर कॉलेज फैजाबाद की मार्कशीट लगाकर बीए में दाखिला लिया था। इस मार्कशीट का माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन सत्यापन भी किया गया था। इसके बाद छात्र ने लैपटॉप पाने के लिए आवेदन किया। उसका नाम उस सूची में था, जिन्हें बीते 11 मार्च को कॉल्विन कॉलेज ग्राउंड पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यक्रम में लैपटॉप मिलना था।
दिखा रहा था एफआईआर की कॉपी
कॉल्विन ग्राउंड पहुंच उसने अफसरों को इंटरमीडिएट की मार्कशीट गुम होने की बात कहते हुए एफआईआर की कॉपी दिखाई। मगर अफसरों ने उसे यूपी बोर्ड से डुप्लीकेट मार्कशीट लाकर कॉलेज से लैपटॉप लेने की बात कह लौटा दिया। वीरपाल ने कॉलेज में भी वही बहाना बनाया। प्राचार्य ने भी उससे डुप्लीकेट मार्कशीट लाने को कहा। इस बार वीरपाल जो मार्कशीट लाया, वह सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज शाहजहांपुर की थी।
भाई ने बनवाई थी मार्कशीट
वीरपाल ने पूछताछ में बताया कि उसका बड़ा भाई इंद्रपाल वर्मा बिसवां तहसील में चपरासी है। उसने ही बाराबंकी के एक प्रिंसिपल को 14 हजार रुपये देकर मार्कशीट बनवाई थी। पहला अंकपत्र खोने के बाद दूसरा बनवाया। वीरपाल प्रिंसिपल का नाम तो नहीं बता सका अलबत्ता उसके फोन नंबर की जरूर जानकारी दी।
'मैं इलाहाबाद में रहता हूं'
इस नंबर पर पूछताछ करने पर फोन उठाने वाले शख्स ने कहा, मैं इलाहाबाद में रहता हूं। वीरपाल के बारे में पूछने पर वह खामोश हो गया। इसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। वीरपाल ने बताया कि इंटर फेल कई छात्रों ने इसी शख्स से मार्कशीट बनवाई थी। इसने सबको सलाह दिया कि लखनऊ में पहले लैपटॉप बंटेंगे, लिहाजा वहीं किसी कॉलेज में दाखिला ले लो।