प्राइमरी स्कूल में दलित महिला रसोइया से मिड-डे मील बनवाना कुछ दबंगों को इतना खटका कि मंगलवार को उन्होंने प्रधानाध्यापक को बुरी तरह पीटा और कई घंटे बंधक बनाए रखा।
पुलिस के पहुंचने पर ही प्रधानाध्यापक की जान बच सकी। हेड मास्टर की रिपोर्ट पर तरबगंज थाना पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
तरबगंज ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल खालेदुबरा में मिड-डे मील बनाने के लिए अनुसूचित जाति की महिला मंगला का चयन हुआ है।
मंगला के हाथ का खाने से थी आपत्ति
प्रधानाध्यापक मिर्जा मोहम्मद उमर बेग ने बताया कि मंगलवार मंगला द्वारा बनाया गया मिड-डे मील कक्षा तीन के छात्र शिवानंद तिवारी ने शिक्षकों के कहने पर नहीं खाया।
उसे मंगला के खाना बनाने पर आपत्ति थी। शिवानंद ने इस बात की शिकायत अपने परिवार वालों से की।
इस पर शिवानंद का भाई सुशील तिवारी गांव के ही दुर्गेश मिश्र उर्फ नकछेद के साथ मंगलवार दोपहर स्कूल पहुंचा और प्रधानाध्यापक को दौड़ाकर पीटा।
उसने किसी तरह अपनी जान बचाई। उमर बेग का कहना है कि वह स्कूल से भागे तो हमलावरों ने उन्हें बाहर घेर लिया।
आरोपियों को लिया हिरासत में
उन्होंने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी, थाने व साथी शिक्षकों को दी। सूचना पाकर पुलिस व शिक्षक नेता मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नकछेद और सुशील को हिरासत में ले लिया और लोगों से पूछताछ की।
गोंडा के एसपी मोहित गुप्त ने बताया कि राजकीय कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानाध्यापक की पिटाई के मामले में जो भी संभव कार्रवाई हो सकती है, वह की जाएगी।