आजमगढ़ जिले के वाहन चोरों का कनेक्शन नक्सलियों से है। वे चोरी किए गए वाहन नक्सलियों को बेचते हैं। इस बात की जानकारी बिलरियागंज पुलिस की गिरफ्त में आए वाहन चोर गिरोह के सदस्य ने दी है।
नक्सलियों को चोरी के वाहन बेचे जाने की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिला पुलिस से लेकर उच्चाधिकारियों ने गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम बिहार के लिए रवाना कर दी है।
वाहन चोर गिरोह का सदस्य राजनेत दूबे कंधरापुर थाना क्षेत्र के कपसा गांव का निवासी है। बिलरियागंज थाने की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे पहले हिरासत में लिया। उसके पास से चोरी के वाहन मिलने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
थानाध्यक्ष बिलरियागंज जगदीश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस के शिकंजा कसने पर आरोपी ने इस बात को माना कि वह वाहनों को चुराकर नक्सलियों को बेचता है। पूछताछ में पता चला कि उसके गिरोह में उसका साला निखिल मिश्रा व श्यामसिंह सहित चार लोग शामिल हैं।
उसका साला निखिल हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के पहेतिया गांव का निवासी है। चोरी के वाहनों को वह हाजीपुर ले जाकर बेचता है।
पुलिस की मानें तो यह गिरोह अब तक 14 वाहन चुरा चुका है। इसमें जिले से चुराए गए चार वाहन शामिल हैं। गिरोह के सदस्यों ने देवगांव कोतवाली क्षेत्र के पल्हना बाजार से बोलेरो, अजमतगढ़ बाजार से कमांडर जीप, बिलरियागंज थाने के भीमबर बाजार से कमांडर जीप व रौनापार थाने के चांदपट्टी बाजार से कमांडर जीप चुराई है।
थानाध्यक्ष बिलरियागंज जगदीश उपाध्याय ने बताया कि राजनेत ने कबूल किया कि वह चोरी के वाहन हाजीपुर में एक कबाड़ी के माध्यम से नक्सलियों को बेचते हैं।