11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस है। अखिलेश सरकार चाहती है कि वह इसके बहाने ऐसी सोच लोगों के बीच लाए, जिससे समाज में परिवार नियोजन को लेकर जागरुकता बढ़े। इसके लिए सरकार ने एक नया तरीका भी ढूंढ निकाला।
सोमवार को लखनऊ के होटल क्लार्क्स अवध में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘इनोवेशन फॉर प्रमोशन ऑफ फैमिली प्लानिंग मैथड्स’ योजना की जानकारी दी गई।
दूसरे दिन परिवार नियोजन पर 'नई सोच प्रतियोगिता' के तहत बनाई योजना में मेरठ-सहारनपुर की टीम पहले पायदान पर रही। प्रदेश मे नौ टीमों ने बनवाई योजना। अब सभी सीएमओ को अपने जिलों में योजना लागू करनी होगी।
यूपी के सभी जिलों में सीएमओ को नई सोच के साथ योजना बनानी होगी। सबसे बेहतर सोच और योजना बनाने वाले सीएमओ को खुद स्वास्थ्य मंत्री पुरस्कृत करेंगे।
15 दिनों तक चलेगी यह मुहिम
इसके लिए मुहिम चलाकर 15 दिन के भीतर लोगों को परिवार नियोजन अपनाने के लिए प्रेरित करने व जनसंख्या वृद्धि के खतरे से लोगों को आगाह करना होगा।
एनआरएचएम की अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. काजल ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस पर मुहिम की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, योजना का प्रारूप सीएमओ को लखनऊ में उपलब्ध कराना होगा।
शीर्ष अधिकारी इस पूरी मुहिम का अपने मानकों पर परीक्षण करेंगे। इसके बाद सबसे बेहतर योजना और सोच को इनाम दिया जाएगा।
हमसे बेहतर कर रहा चीन
कार्यक्रम में मौजूद एक विशेषज्ञ का कहना था कि हम अब भी परिवार नियोजन के मामले में पीछे हैं। हमारी पॉपुलेशन रिप्लेसमेंट रेट 2.4 है।
यही हाल रहा तो 2060 में भारत की जनसंख्या 170 करोड़ होगी। चीन में यह रेट अब 2.1 पर बना हुआ है।