एनसीएल ने सोमवार को सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद के साथ क्लीन कोल टेक्नोलॉजी (स्वच्छ कोल तकनीक) के प्रयोग के लिए एक एमओयू किया है। एनसीएल के सीएमडी पीके सिन्हा, निदेशक डॉ. अनिंद्य सिन्हा, आरएन दूबे व सीएसआईआर के निदेशक डॉ. वीएम तिवारी व अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थित रहे।
एनसीएल मुख्य रूप से सीएसआईआर के साथ क्लीन कोल टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय एवं वैकल्पिक ऊर्जा, पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों की खोज, कोयला से हाइड्रोजन, अधिभार का लाभकारी उपयोग जैसी कई परियोजनाओं पर कार्य करेगी। एमओयू के क्रियान्वयन पर आगामी पांच वर्षों में एनसीएल लगभग 7.31 करोड़ खर्च करेगी। एनसीएल की यह पहल सीओपी-26 में भारत के पंचामृत दृष्टिकोण के अनुरूप है। देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ बढ़ती ऊर्जा आवश्यकता की दिशा में एनसीएल सीएसआईआर के सहयोग से राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ कोयला जगत से जुड़े हरित खनन एवं भविष्य की तकनीकी पर कार्य करेगी। हरित खनन की दिशा में एवं नेटजीरो कंपनी बनने के उद्देश्य से एनसीएल अपने निगाही क्षेत्र में 50 मेगावाट सोलर पावर प्लांट स्थापित कर रही है। साथ ही अपने क्षेत्रों में एलईडी लाइटों व अन्य ऊर्जा दक्ष उपायों को अपना रही है।