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हंगामे की भेंट चढ़ा महिला फुटबाल टूर्नामेंट

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दुद्धी टाउन क्लब में उपविजेता टीम के खिलाड़ियों एवं कोच को नगद धनराशी न मिलने पर आक्रोसित खिलाड़ - फोटो : SONBHADRA
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टाउन क्लब मैदान में आयोजित तीन दिवसीय महिला फुटबॉल टूर्नामेंट हंगामे की भेंट चढ़ गया। फाइनल मुकाबले के बाद पुरस्कार राशि न मिलने से क्षुब्ध विजेता व उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों ने आयोजन समिति को जमकर कोसा।
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नगर के टाउन मैदान आयोजन समिति ने भारी उत्साह के साथ महिला फुटबाल का आयोजन किया। महिला उत्थान एवं जागरूकता के दृष्टिगत मई में आयोजित टूर्नामेंट अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर 13 जून को शुरू किया गया। खिताबी मुकाबले के बाद हंगामे का नेतृत्व कर रहे रांची से आए कोच एनावुल उर्फ बबलू ने बताया कि झारखंड के विभिन्न इलाके से आई महिला खिलाड़ियों को पहले तो झूठ बोलकर आयोजकों ने बलिया एवं प्रयागराज के नाम से खेलाया। आने से पूर्व आयोजन समिति के सदस्यों ने विजेता एवं उप विजेता टीम को पुरस्कार के रूप में नकद धनराशि के साथ आने-जाने का किराया देने की बात कहकर बुलाया था। पुरस्कार राशि को लेकर सशंकित दोनों टीम खिताबी मुकाबले नहीं खेलना चाह रही थी। समिति ने निर्धारित से कुछ कम पुरस्कार राशि देने की बात कहकर खिलाड़ियों को खेलने के लिए रजामंद कर लिया। मैच के समापन के बाद समिति के पदाधिकारी पुरस्कार राशि का मामला एक-दूसरे पर टालते हुए मौके से खिसकने लगे। इसे देख कोच के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वक्त की नजाकत को भांपते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय कुमार श्रीवास्तव ने दोनों टीम के खिलाड़ियों को पांच-पांच हजार रुपये देने का आश्वासन देकर किसी तरह मामले को शांत कराया। उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में नकद धनराशि देने की बात किसी पदाधिकारी, खिलाड़ी और कोच ने नहीं लाई थी। बहरहाल आश्वासन देकर अध्यक्ष भी वहां से चलते बने। आयोजन समिति को कोसते हुए खिलाड़ियों ने अपनी राह पकड़ ली।
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