बीजपुर के म्योरपुर ब्लॉक अंतर्गत जरहा गांव में बीती रात प्रसव के कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ने से प्रसूता की मौत हो गई। नवजात सुरक्षित है। परिजनों ने एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
उनका कहना था कि एएनएम ने पांच हजार रुपये लेकर अपने घर पर ही प्रसव कराने की बात कहते हुए सीएचसी जाने से रोक लिया था। सीएचसी अधीक्षक ने आरोपों की जांच की बात कही है।
महिला को सात बेटियां हैं। आठवीं संतान के रूप में बेटा हुआ था, लेकिन बच्चे की किलकारी सुनने से पहले ही उसकी जान चली गई। जरहा ग्राम पंचायत के लहबरवा निवासी रामनारायण की पत्नी सुशीला देवी (44) गर्भवती थी।
गुरुवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे। परिजनों के मुताबिक, एएनएम ने उन्हें यह कहते रोक लिया कि पांच हजार रुपये में वह घर पर ही सामान्य प्रसव करा देगी। रात करीब आठ बजे सुशीला ने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की तबीयत बिगड़ने लगी।
आनन-फानन एएनएम ने उसे म्योरपुर रेफर कर दिया। इसी दौरान महिला की मौत हो गई। मृतका की बेटी गीता ने थाने में तहरीर देकर एएनएम पर लापरवाही के कारण मौत, घर पर प्रसव कराने व पैसे मांगने का आरोप लगाया है।
इस संदर्भ में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा का कहना है कि तहरीर मिली है। स्वास्थ्य विभाग को अवगत जाएगा। फिलहाल शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, सीएचसी अधीक्षक म्योरपुर डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि घर पर प्रसव नहीं कराना है। एएनएम ने बताया है कि उसने रेफर कर दिया था, मगर परिजन दोबारा उसके पास पहुंच गए थे। इस मामले में सीएमओ से वार्ता कर टीम गठित कर जांच कराई जाएगी।