अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य परंपरागत निवासियों को जिसका लंबे समय से इंतजार था वह घड़ी अब समाप्त होने वाली है। बहुत जल्द वनाधिकार कानून के तहत उन्हें मालिकाना हक मिलने जा रहा है। वन और राजस्व विभाग सभी दावे के फाइलों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। इसकी मॉनिटरिंग एसडीएम दुद्धी व डीएफओ लगातार कर रहे हैं।
सेवा समर्पण संस्थान सेवाकुंज आश्रम कारीडांड़ चपकी में राज्यपाल के संभावित दौरे को लेकर वनाधिकार के तहत लोगों को मिलने वाले पट्टे के निस्तारण के लिए महकमा जोर शोर से लगा हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी बभनी अवध नारायण मिश्र ने बताया कि डुमरहर, भंवर, घघरी, कोंगा, नवाटोला, परसाटोला, हथियार और मचबंधवा गांव से किये गये दावों में से 152 फाइलों का सत्यापन व दुरुस्तीकरण कर एसडीएम दुद्धी के पास भेज दिया गया है। शेष गांवों के फाइलों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। बहुत जल्द सभी दावों का स्थलीय सत्यापन कर फाइल भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसमें राजस्व विभाग, वन विभाग और वनाधिकार समिति के अध्यक्ष व सचिव लगे हैं, जो स्थलीय सत्यापन कर फाइलों को दुरुस्त कर रहे हैं। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल वनाधिकार कानून के तहत किसानों को पट्टा अपने हाथों वितरित करेंगी। इसे लेकर पूरा जिला प्रशासन लगा हुआ है।