आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित परिवारों के हर सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसके लिए 26 से नौ अगस्त तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए लगाए गए चार दर्जन से अधिक विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर (वीएलई) सहयोग नहीं कर रहे हैं। मंगलवार को 29 गांवों में वीएलई नहीं पहुंचे। इस नाते लक्ष्य के सापेक्ष महज दस प्रतिशत ही आयुष्मान कार्ड बन सका है।
बता दें कि जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन अभियान के तहत 1,81,835 लाभार्थी चयनित हैं। चयनित परिवारों में से 1,09,331 परिवारों का आयुष्मान गोल्डेन कार्ड बनाया जा चुका है। शेष 72,504 लोगों का कार्ड बनाने के लिए 26 जुलाई से अभियान शुरू किया गया है जो नौ अगस्त तक चलेगा। प्रथम चरण में 154 गांवों में शिविर लगाकर कार्ड बनाया जाना है। डीएम अभिषेक सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को अभियान के तहत प्रतिदिन तीन हजार कार्ड बनवाने का लक्ष्य दिया है लेकिन पहले दिन यानि सोमवार को 66 गांवों में वीएलई नहीं पहुंचे। इस नाते सिर्फ 330 कार्ड ही बना। दूसरे दिन मंगलवार को डोमरिया, किरहुलिया, बेलछ, कुसुम्हा समेत 29 गांवों में वीएलई नहीं गए। 121 गांवों में लगे शिविर में करीब 332 लोगों का ही कार्ड बना। कई शिविर में वीएलई ने लैपटॉप ठीक न होने या नेटवर्क न काम करने का बहाना बनाकर कार्ड नहीं बनाएं। उधर कुछ आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी लाभार्थियों को शिविर तक ले जाकर कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे स्वास्थ्य विभाग को पखवारे भर में 45000 कार्ड बनवाना बड़ी चुनौती है।
प्रदेश में मिला 25वां स्थान
सोनभद्र। शासन स्तर से जिले में अभियान चलाकर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन योजना के लाभार्थियों के बनाए जा रहे कार्ड की समीक्षा की जा रही है। योजना से जुड़े रजत मिश्रा ने बताया कि सोमवार को जिले में शिविर लगाकर 330 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। शासन स्तर से पूरे प्रदेश में अभियान के पहले दिन बनाए गए कार्ड की समीक्षा की गई, जिसमें सोनभद्र को 25वां स्थान मिला है। उन्होने बताया कि प्रतिदिन समीक्षा होती है। मंगलवार को बनाए गए कार्ड के रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित परिवारों के हर सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनाने केलिए अभियान चल रहा है। शिविर में अनुपस्थित रहने वाले वीएलई की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा रही है। - डॉ. सुमन जायसवाल, प्रभारी, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना