यूपी बोर्ड परीक्षा में पारदर्शिता के लिए शिक्षा विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रश्न पत्रों की गोपनीयता के लिए एक चाबी केंद्र व्यवस्थापक के पास और दूसरी चाबी परीक्षा केंद्र पर नियुक्त शिक्षक के पास रहेगी। दोहरी निगरानी व्यवस्था से पेपर लीक होने जैसी शिकायतें खत्म होंगी।
विधानसभा चुनाव के बाद शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले के दस ब्लाकों में 77 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया है। परीक्षा में वर्ष 2020-21 की तुलना में वर्ष 2021-22 में परीक्षार्थियों की संख्या कम है। इस बार हाईस्कूल में 23886 और इंटर में 18714 परीक्षार्थी पंजीकृत है। जबकि पिछली बार हाईस्कूल में 26933 परीक्षार्थी थे। वहीं इंटर के परीक्षार्थियों की संख्या 18265 थी। यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए भले ही अभी तक तिथि मुकर्रर नहीं की गई है, लेकिन परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग ने अभी से कमर कस लिया है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वाइस रिेकार्डिंग आदि का प्रबंध कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रश्न पत्रों की गोपनीयता के लिए एक चाबी केंद्र व्यवस्थापक के पास और दूसरी चाबी परीक्षा केंद्र पर नियुक्त शिक्षक के पास रहेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से तैयारियां तेज कर दी है। डीआईओएस रविशंकर का कहना है कि यूपी बोर्ड के निर्देशानुसार परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए रूपरेखा तैयार कर लिया गया है।
प्रश्न पत्रों की गोपनीयता के लिए यह व्यवस्था की गई है। प्रश्न पत्र को डबल लॉक में रखा जाएगा। इसकी एक-एक चाबी केंद्र व्यवस्थापक और द्र पर नियुक्त शिक्षक के पास रहेगी। दोहरी निगरानी व्यवस्था से पेपर लीक होने जैसी शिकायतें खत्म होंगी। सभी केंद्रों पर तीसरी नजर में परीक्षा को संपन्न कराया जाएगा। -रविशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक