अगवानी कर रहे गुरमा वन रेंज के अधिकारियों ने फॉसिल्स पार्क की खूबियों के बारे जानकारी दी। बताया कि दुनिया में इससे पुराना और बड़ा कोई फॉसिल्स पार्क नहीं है। अमेरिका में स्थित ऐलो स्टोन फासिल्स पार्क भी इससे छोटा और बाद का है। वहां इतने ज्यादा फॉसिल्स नहीं है।
टीम ने आदिवासियों के करमा और बरसिंहा नृत्य का भी आनंद लिया। स्वागत से अभिभूत ऑपरेटर्स ने वाराणसी आने वाले पर्यटकों को यहां तक जाने की प्रतिबद्धता जताई। उनका कहना था कि हमारे पास इतनी बड़ी विरासत होने के बाद भी तमाम लोग इससे अनभिज्ञ रहे हैं।
पर्यटकों को यहां आने पर काफी अच्छा लगेगा। टीम में अमरेश मौर्या, अमित सिंह, गनेश, जैनेंद्र, बीएचयू के छात्र-छात्रा शामिल रहे। वन विभाग की ओर से अजय प्रकाश, वन दरोगा फराज नदीन, रामदास आदि मौजूद रहे।
पढ़ेंः एक माह के बच्चे की संदिग्ध मौत: एक दिन पहले मां को लगा था कोरोना का टीका, मासूम को पिलाया था दूध