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Sonebhadra News: एमसीएच विंग के अधीक्षक समेत तीन जिम्मेदार हटाए गए

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जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में पीपीपी मॉडल पर संचालित सौ शैयायुक्त मातृ शिशु विंग के अधीक्षक समेत तीन कर्मचारियों को हटा दिया गया है। उनकी जगह अभी कोई स्थाई नियुक्ति नहीं हुई है। एमसीएच विंग में लंबे समय से मरीजों के उपचार में लापरवाही सहित अन्य शिकायतें मिल रही थी। इस कार्रवाई को उन शिकायतों का ही असर माना जा रहा है।
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पिछले दिनों एमसीएच विंग में एक गर्भवती को शौचालय में प्रसव हो गया था। असुरक्षित प्रसव के कारण नवजात की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया था। मौके पर पहुंचे सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने संस्था को पत्र लिखकर चिकित्सा अधीक्षक की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्हें हटाने के लिए भी कहा था। इसका संज्ञान लेते हुए कुछ दिनों पूर्व ही संस्था के सीओ डॉ. आरके सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। इसके बाद अधीक्षक डॉ. संजीव श्रीवास्तव, मैनेजर आशीष दुबे और सुपरवाइजर रोशन दुबे को एमसीएच विंग से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर स्थाई नियुक्ति नहीं हुई है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुदामा गुप्ता को प्रभारी अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं मिर्जापुर से एक मैनेजर को कार्यों को संभालने के लिए भेजा गया है। इस संबंध में डॉ. संजीव श्रीवास्तव कुछ भी बोलने से बचते रहे।
जांच टीम ने सौंपी रिपोर्ट
सोनभद्र। जिला अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच विंग में 12 जून को चोपन निवासी गर्भवती के शौचालय में प्रसव व फर्श पर गिरने से नवजात की मौत के मामले की जांच पूरी हो गई है। सीएमओ की ओर से महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका सिंह और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को पहुंच गई है। रिपोर्ट में नवजात की मौत गर्भ में ही होने की बात कही गई है। यह भी बताया गया है कि मना करने के बावजूद गर्भवती शौचालय में चली गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्रसूता के गर्भ में ही पूर्व में भी सात माह के बच्चे की मौत हुई थी। जांच टीम ने लापरवाही से इंकार किया है।
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तीन कर्मचारियों को यहां से हटाया गया है। एक नए मैनेजर को भेजा गया है। इसके अलावा इस मामले में कुछ अधिक जानकारी अभी नहीं है। -डॉ. सुदामा गुप्ता, प्रभारी अधीक्षक, एमसीएच।
नवजात के मौत मामले की जांच के लिए दो चिकित्सकों की टीम का गठन किया गया था। जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दिया है। जिसे शासन को भेजा जाएगा। -डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।
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