उपचार के अभाव में मरीज की तड़पकर मौत का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि सीएचसी में एक और लापरवाही उजागर हुई है। बृहस्पतिवार की रात ही यहां मोबाइल टार्च की रोशन में तीन प्रसव कराए गए। अस्पताल में बिजली गुल होने की दिशा में जनरेटर चलाने की बजाय डॉक्टरों ने टार्च से ही प्रसव करा दिया। संयोग रहा कि जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य महकमे की इस लापरवाही से लोगों में नाराजगी है।
सीएचसी में बिजली का कनेक्शन है। इसके अलावा 20 किलो वाट का सोलर प्लांट लगा हुआ है। आपात स्थिति में जनरेटर चलाने की भी व्यवस्था है। बृहस्पतिवार की रात प्रसव पीड़ा से कराहती तीन गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया गया। इसमें करकच्छी निवासी सरिता, सेवडीटोला निवासी रामकुमारी और चपकी निवासी कौशल्या शामिल रही। प्रसव के दौरान कर्मचारियों ने लाइट न होने पर जनरेटर चलाने की बजाय मोबाइल टार्च की रोशनी में ही प्रसव करा दिया। स्टाफ नर्स सिन्नी ने बताया कि बिजली न होने के कारण दर्द से कराहती महिलाओं का मोबाइल टार्च जलाकर प्रसव कराना पड़ा। लोगों ने इसकी शिकायत एसीएमओ डॉ. आरजी यादव से भी की है। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. गिरधारी लाल ने बताया कि बिजली कटौती होने पर सोलर प्लांट की सुविधा है। कभी-कभी सोलर लाइट चार्ज न होने पर दिक्कत होती है। इस समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।