जिले में करीब 15445 दिव्यांग हैं। इसके सापेक्ष साढ़े नौ हजार दिव्यांगों का नाम ही मतदाता सूची में शामिल हो पाया है। इस पर जिला निवार्चन अधिकारी अभिषेक सिंह ने नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारियों को शीघ्र सभी दिव्यांग मतदाताओं और 18-19 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके छूटे युवक-युवतियों का मतदाता सूची में नाम शामिल कर रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। डीएम ने निर्धारित उम्र पूरी करने वाले दिव्यांग मतदाताओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में शत-प्रतिशत शामिल कराने के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया है। पत्र में लिखा है कि पिछले दिनों मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर दिव्यांगों और 18-19 वर्ष की आयु की मतदाता सूची में पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की थी। दोनों प्रकार के मतदाताओं के नाम वोटरलिस्ट में कम होने की स्थिति पर आयोग ने असंतोष जताया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए दिव्यांगजन प्रमाण-पत्रों की संख्या जिले में 15 हजार 445 पाई गई है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से पंजीकृत पेंशनभोगियों की वर्ष 2021-2022 की संख्या 10878 है, जिसके सापेक्ष मतदाता सूची में अद्यतन पंजीकृत दिव्यांगजनों की संख्या 9512 है। पत्र में लिखा है कि जिसके अवलोकन से स्पष्ट है कि जनपदों में दिव्यांगजनों के मतदाता पंजीकरण की स्थिति संतोषजनक नहीं है।