नई दिल्ली में बैठक के बाद कोयला मंत्री को अंगवस्त्र देते बीएमएस के नेता।
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अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (भामसंघ) प्रतिनिधियों ने मंगलवार को कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी से मिलकर 11वें वेतन समझौते के विलंब पर नाराजगी जाहिर की। मजदूर नेताओं की मुलाकात मंत्री के निवास पर हुई। इस दौरान आयोजित बैठक में कोयला उद्योग एवं कामगार से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य मुद्दा कोयला कामगारों के 11वें वेतन समझौते में हो रहा विलंब रहा। इस दौरान शक्तिपुंज एक्सप्रेस कोलकाता से नागपुर से होते हुए काजिंपेठ (तेलंगाना) तक किए जाने की मांग रखी गई।
घाटे के नाम पर अंडरग्राउंड खदानों को बंद करने की नीति पर अंकुश लगाने, कोयला उद्योग में ठेका मजदूरों की स्थिति में सुधार लाने के संबंध में नेताओं ने मंत्री से चर्चा कीा। इस दौरान कोयला क्षेत्र के सीएमपीएफ घोटाले का मसला उठाया गया। नेताओं ने मंत्री से मामले की गंभीरता से जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कराने की बात दोहराई। नेताओं ने दावा किया कि सभी विषयों को कोयला मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए जल्द अमल का आश्वासन दिया। संगठन की ओर से कोल उद्योग प्रभारी के. लक्ष्मी रेड्डी, अभाखमसंघ के अध्यक्ष टिकेश्वर सिंग राठौर, महामंत्री सुधीर घुरडे, कार्याध्यक्ष महेंद्र सिंह, संगठन मंत्री अशोक मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष मूर्ति आदि रहे।