म्योरपुर विकास खंड की सेंदुर मकरा व पाटी ग्राम पंचायतों में अबूझ बीमारी से हुई 40 मौतों के बाद पहुंची स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम शनिवार को लौट गई। टीम ने तीन दिनों तक जांच पड़ताल की है। अब अपनी जांच रिपोर्ट केंद्र और प्रदेश सरकार को सौंपेगी।
मंत्रालय के संयुक्त निदेशक शौकत कमाल के नेतृत्व में आई चार सदस्यीय टीम ने तीन दिनों तक मकरा और पाटी गांव में विभिन्न पहलुओं पर अपनी जांच की। इस दौरान उन्होंने मच्छरों की प्रजाति को पकड़ने के साथ ही लोगों के खून की जांच भी कराई गई। ग्रामीणों के रहन-सहन और उनके खानपान पर भी अध्ययन किया। शनिवार को टीम दिल्ली लौट गई। टीम के सदस्य रिसर्च अधिकारी डॉ. डीएन गिरी ने बताया कि सोनभद्र की परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। यहां विशेष तौर पर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को दी जाने वाली रिपोर्ट में अन्य जिलों की अपेक्षा यहां की अलग परिस्थितियों के अनुसार अलग से कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर पहलू पर यहां कार्य करने की जरूरत है। रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही केंद्र व प्रदेश सरकार को सौंप दी जाएगी। जिन मच्छरों की खोज की जा रही थी वह मच्छररोधी दवा के छिड़काव से भाग गए थे। ऐसे में मलेरिया के मच्छरों की संख्या नहीं मिली। टीम में हेमंत नेगी व राहुल सिंह भी मौजूद रहे।