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दो साल पहले भी एक बेटा को खो चुकी थी सुखवंती

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चोपन। जादू-टोने के शक में ससुर की जान लेने वाली सुखवंती अपने लाडले की सुरक्षा को लेकर हमेशा से चिंतित रहती थी। दो साल पहले उसने अपना बड़ा बेटा खो दिया था। उसकी मौत भी बीमारी से हुई थी, लेकिन उसके मन में जादू-टोने की भावना बैठ गई थी। वह अपने दूसरे बेटे पर ऐसी किसी छाया को नहीं पड़ने देना चाहती थी।
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पुलिस हिरासत में उसने बताया कि भोर में करीब साढ़े तीन बजे उसकी नींद खुली तो अपने ससुर को बीमार बेटे के पास बैठकर कुछ करते देखा। उसे लगा कि ससुर उसके बेटे पर तंत्र-मंत्र कर रहे हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए ससुर से भिड़ गई। इसके बाद कुल्हाड़ी से वार कर दिया। ससुर के बेहोश होने पर वह बेटे को उठाकर करीब दो किमी दूर स्थित गांव के पास क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर को दिखाने ले गई। उसे यह अहसास भी नहीं था कि उसने ससुर की जान ले ली है।
सुबह जब परिवार के अन्य लोगों की नींद खुली तो हरिप्रसाद को लहूलुहान देख सन्न रह गए। वह बेहोश पड़ा था। आननफानन उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उधर, सुखवंती का बेटा भी दम तोड़ चुका था। पुलिस अभिरक्षा में सुखवंती बार-बार ससुर पर ही जादू-टोना कर बेटे की जान लेने का आरोप लगा रही थी।
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एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद हो गई है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
जादू-टोने के शक में पहले भी गई है जान
सोनभद्र। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जादू-टोने के शक में हत्या और जानलेवा हमले की वारदात नई नहीं है। शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण लोग अक्सर इसकी फेर में पड़ जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जो अति पिछड़े जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदलाव के लिए चल रही कवायदों की पोल खोलती हैं।
इसी साल जनवरी में पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बभनगवा गांव के विजेंद्र ने जादू-टोने के शक में गांव की महिला तेतरी देवी पर धारदार हथियार से हमला कर मौत की नींद सुला दिया था। विजेंद्र को शक था कि महिला ने उस पर जादू-टोना कर दिया है, जिससे वह परेशान रहता है। इससे पहले जून 2020 में शाहगंज थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय बसंतु चौरसिया की हत्या के पीछे भी भूत-प्रेत का शक कारण रहा। मई 2020 में बभनी में भतीजे ने अपनी बड़ी मां असंती देवी को भी इसी शक में धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया था।
कोन थाना क्षेत्र के खेमपुर गांव में जादू-टोने के शक में एक युवक ने अपने भाई की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी थी। नगर के उरमौरा में वर्ष 2014 को पहलवान रामलोचन की हत्या के पीछे भी जादू-टोने को ही कारण बताया गया था।
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