सोनभद्र के ओबरा तहसील क्षेत्र में वाह्य न्यायालय का आवासीय/अनावासीय भवन बनेगा। 10 करोड़ रुपये से बनने वाले आवासीय/अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ है या नहीं इसकी जांच के लिए सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने दिया डीआरडीए के पीडी को नामित किया है। परियोजना निदेशक ने जांच कर रिपोर्ट सौंप दी है। जांच में पाया गया कि अभी तक भवनों का निर्माण कार्य शुरूु नहीं हुआ है।
वाह्य न्यायालय ओबरा में आवासीय/अनावासीय भवनों का निर्माण होना है, जिसकी प्राक्कलित लागत करीब दस करोड़ रुपये है। अभी तक शासन स्तर से इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था कंसट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज यूनिट 38 उत्तर प्रदेश जल निगम को दे दी गई है। पिछले माह सीडीओ ने पीडी को धन मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू कराया या नहीं इसकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उक्त निर्देश केक्रम में पीडी ने मौके पर जाकर जांच किया। परियोजना निदेशक ने सीडीओ को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराया है कि कार्य स्थल पर एक तरफ नींव निर्माण के लिए एक तरफ मिट्टी की खुदाई कराई गई है। कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।ं 118 मीटर लंबाई और 95 मीटर चौड़ाई में बनने वाले वाह्य न्यायालय आवासीय/अनावासीय भवनों का निर्माण होना है। इस संबंध परियोजना निदेशक राम शिरोमणि मौर्य ने बताया कि जांच कर रिपोर्ट भेज दी गई है।