कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण लंबे समय से बंद चल रहे पांचवीं तक के स्कूलों में बुधवार से रौनक लौट आई। ऑनलाइन पढ़ाई से ऊब चुके बच्चे जब स्कूल में अपने दोस्तों से मिले तो उमंग से भर गए। सोनभद्र में बच्चे एक-दूसरे को गले से लगा लिया। हाथों में हाथ डालकर वह अपने अनुभव साझा करते रहे। कक्षाओं में पहला दिन मौज मस्ती में ही बीत गया। उपस्थिति कम होने से भी पढ़ाई प्रभावित हुई। शिक्षकों को उम्मीद है कि अब जल्द ही बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ शिक्षण कार्य सुचारू होगा।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए मार्च के बाद से ही सरकार ने स्कूलों को बंद कर दिया था। कोरोना का असर कम होने के बाद पहले उच्च कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। फिर जूनियर हाईस्कूल और अब बुधवार से पांचवीं तक के विद्यालय भी खुल गए। लंबे समय बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में उत्साह छाया रहा। गेट पर ही बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग और हाथ सैनिटाइज कराने के बाद प्रवेश दिया गया। इस दौरान शिक्षक बच्चों में मास्क लगाने की भी हिदायत देते रहे। उनके अभिभावकों को भी इसके लिए सचेत किया गया। चोपन ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय कन्हौरा में प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्योति कन्नौजिया ने बताया कि स्कूल खुलने के बारे में अभिभावकों को पहले ही बताया गया था। पहले दिन 35 बच्चे उपस्थित रहे। आगे संख्या बढ़ेगी।
तिलक लगाकर किया स्वागत
शाहगंज के इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल ओडहथा और दुरावल खुर्द के अध्यापकों ने बच्चों का तिलक लगाकर स्कूल में स्वागत किया। लंबे अंतराल के बाद स्कूल खुलने पर बच्चे भी प्रफुल्लित थे। बीएसए हरिवंश कुमार और घोरावल के बीईओ एके सिंह ने प्राथमिक विद्यालय उसरी, ढूतेर, ओडहथा समेत कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी किया। बीईओ एके सिंह ने ओडहथा विद्यालय के बच्चों को निशुल्क पुस्तक भी बांटा।
स्कूल पहुंचने पर मिला गुब्बारा और फूल
कोरोना काल के कारण बंद रहे स्कूलों में बुधवार को पहले दिन पहुंचे बच्चों को कहीं गुब्बारा तो कहीं फूल देकर स्वागत किया गया।कोरोना गाइड लाइन के बारे में भी उन्हें बताया गया। हाथों को साफ रखने और एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहने की सीख देते रहे। बिना मास्क पहुंचे बच्चों को शिक्षकों ने मास्क भी प्रदान किया। खंड शिक्षाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय खुल गए हैं। सभी को निर्देश दिया गया है कि कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से पालन करें।
थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिला प्रवेश
बीजपुर क्षेत्र के स्कूलों में बुधवार को लंबे समय बाद चहल-पहल दिखी। परियोजना परिसर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में बच्चों के पहुंचते ही सबसे पहले सभी का टेंप्रेचर नापकर सही ढंग से मास्क पहने व हाथों को सेनेटाइज कर क्लास में प्रवेश दिया गया। प्राचार्य राजकुमार ने बताया कि बच्चों में तो स्कूल आने की उत्सुकता है ही साथ ही अध्यापक भी बच्चों को पढ़ाने के लिए लालायित हैं। इसी प्रकार केंद्रीय विद्यालय और संत जोसफ़ विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों में लंबे समय बाद दोस्तो से मुलाकात होने पर मुस्कान देखी गई। ग्रामीण इलाके में संचालित परिषदीय स्कूलों में एक साल बाद चहल पहल से बच्चे और अभिभावक प्रसन्न रहे।
मास्क देकर समझाए निर्देश
दुद्धी विकासखंड के सभी विद्यालय कोरोना बचाव निर्देशों के तहत बुधवार से खुल गए। प्राथमिक विद्यालय अमवार कॉलोनी में बच्चों का पढ़ाई में अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां बच्चों को मास्क देकर शिक्षक नीरज चतुर्वेदी ने बचाव के लिए जागरुक किया। बीईओ आलोक कुमार ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र के सभी प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय बच्चों के पढ़ाई के लिए शासन के आदेश खुल गए हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की।