कोरोना का संक्रमण भले ही नगरों में कम हो गया हो, लेकिन गांवों में इसका विस्तार हो रहा है। गांवों में कोरोना लक्षण वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इन्हीं में से अत्यधिक मरीजों वाले ग्राम पंचायत की बात करें तो किलबिल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस गांव में सर्दी, खांसी व बुखार समेत मलेरिया व टाइफाइड के लक्षण वाले रोगी अपना उपचार करा रहे हैं। इस गांव में 15 दिन के अंदर छह लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इनमें से सिर्फ एक की ही कोरोना से मृत्यु की पुष्टि हुई है।
गांव में कोरोना की जांच के लिए 22 अप्रैल तथा चार मई को कैंप लगाया गया था, जिसमें 22 अप्रैल को 45 में से 25 मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके साथ ही चार मई को 16 लोगों की जांच की गई जिसमें कोई संक्रमित नहीं आया। एक सप्ताह पूर्व तक यहां सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या 45 थी, इन मरीजों के साथ ही बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सात और मरीजों को बढ़ाया था। इस प्रकार मरीजों की संख्या 52 हो गई है। स्वास्थ विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों पर निगरानी रख रही है और मरीजों की संख्या में इजाफे का भी आंकड़ा रोजाना तैयार किया जा रहा है। इस टीम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, सफाई कर्मी, ग्राम रोजगार सेवक समेत अन्य कर्मियों को लगाया गया है।
गांव में एक पखवाड़े के भीतर मरने वालों की बात करें तो इनमें बिहारी प्रसाद जायसवाल, बल्ली सिंह, देव कुमारी, रामविचार, मोनू खरवार तथा प्रदीप शामिल है। बिहारी प्रसाद जायसवाल को कोरोना संक्रमित होने पर वाराणसी में उपचार चल रहा था जहां उनकी मौत हो गई। अन्य मृतकों में कोरोना से मिलते जुलते लक्षण थे या नही इसका स्पष्ट पता नहीं चल सका। गांव में ही उपस्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। यहां से होम क्वारंटीन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाएं उपलब्ध करा रही है। एएनएम सुशीला के मुताबिक अधिकतर मरीज ठीक होकर अपने काम में लग गए हैं, जबकि मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि जिस अनुपात में मरीजों की संख्या पहले बढ़ रही थी अब वह अनुपात कम हो गया है।
गांव में निगरानी समिति के माध्यम से लोगों को जागरूक कर दवाएं दी जा रही हैं। गांव में छह लोगों की मौत हुई हैं, इनकी मौत किन कारणों से हुई है यह स्पष्ट नहीं है। गांव को सैनिटाइज कराया जा रहा है। इसके अलावा गंभीर रोगियों को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर उपचार हो रहा है।-राजपति देवी, ग्राम प्रधान
किलबिल में मरीजों की वृद्धि पर नियंत्रण हुआ है। निगरानी समितियोंकी ओर से चिन्हित मरीजों को दवा भी दी जा रही है, जिससे लोग ठीक हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले गांवों की ज्यादा हालत खराब थी।-डॉ. शिशिर श्रीवास्तव, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य म्योरपुर