फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनरेगा में घोटाले का आरोपी सेक्रेट्री निलंबित, प्रधान और टीए से भी होगी रिकवरी

विज्ञापन
विज्ञापन
घोरावल ब्लॉक में एक और घोटाला सामने आया है। नाबालिग लड़कों को मनरेगा में मजदूर बताकर जिम्मेदारों ने हजारों रुपये निकाल लिए। अपात्रों के जॉब कार्ड और फर्जी मस्टररोल भरकर भी घपलेबाजी की गई है। जांच में इसकी पुष्टि के बाद डीएम के सख्त निर्देश पर घोटाले के जिम्मेदार सेक्रेट्री को निलंबित कर दिया गया है। तत्कालीन प्रधान, तकनीकी सहायक (टीए) पर भी कार्रवाई की संस्तुति की गई। तीनों से गबन की राशि की बराबर-बराबर रिकवरी कराई जाएगी। गांव के रोजगार सेवक को हटाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

घोरावल ब्लॉक के जमगाई गांव में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में अनियमितता की शिकायत हुई थी। आरोप था कि गांव में कई अपात्रों के नाम पर धन निकाला गया है। इसमें कई नाबालिग हैं तो कई लोग गांव में रहते ही नहीं है। फर्जी तरीके से उनके नाम पर जॉब कार्ड जारी किया गया है। बिना काम कराए मस्टररोल भरकर सरकारी धन निकाला गया है। जांच में इन आरोपों की पुष्टि हुई। करीब 1.70 लाख रुपये का घोटाला पकड़ में आया। कार्रवाई के निर्देश के बाद भी उच्चाधिकारियों ने मामले में टालमटोल कर महीनों तक इसे लंबित रखा। शिकायतकर्ता ने विवश होकर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने तीन माह में मामले का हर हाल में निस्तारण करने का आदेश दिया। इसके बाद डीएम के सख्त निर्देश पर कार्रवाई का चाबुक चलाते हुए डीपीआरओ ने सेक्रेट्री शिवम सिंह को निलंबित कर दिया है। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि पूरे मामले में सेक्रेट्री, तत्कालीन प्रधान और तकनीकी सहायक की मिलीभगत सामने आई है। तीनों से बराबर-बराबर धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। सेक्रेट्री को निलंबित कर दिया गया है। रोजगार सेवक को लापरवाही बरतने पर हटाने की संस्तुति की गई है। गांव के 15 अपात्र जॉब कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। कार्रवाई से पंचायत राज विभाग में खलबली मची हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें