चोपन। डीएम टीके शिबू के निर्देश पर खनन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार की रात बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में संचालित 14 क्रशर प्लांटों को सील कर दिया। पूरी रात चली कार्रवाई से खनन कारोबारियों में खलबली मची रही। आरोप है कि इन क्रशर प्लांटों से ट्रकों पर ओवरलोडिंग कराई जा रही है। अवैध परिवहन में संलिप्तता पर यह कार्रवाई की गई है।
गिट्टी-बालू का अवैध और ओवरलोड परिवहन रोकने के लिए लगातार अभियान चल रहा है। सितंबर में इस अभियान के दौरान कई ओवरलोड ट्रकों को पकड़ा गया था। छानबीन के दौरान चालकों ने क्रशर प्लांट के लोडिंग प्वाइंट से ही ओवरलोडिंग कराने की जानकारी दी। इसकी रिपोर्ट बनाकर खनिज विभाग ने डीएम को प्रेषित की। इस पर तत्कालीन डीएम अभिषेक सिंह ने 23 अक्तूबर को टीम गठित कर संबंधित क्रशर प्लांटों को सीज करने का आदेश दिया था। आदेश जारी होने के चार दिन बाद ही डीएम का तबादला हो गया। इससे कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। नवागत डीएम के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर रात में ही खनिज विभाग, राजस्व विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने क्रशर प्लांटों पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। खनन क्षेत्र में संचालित आदिशक्ति स्टोन, सिंह स्टोन, बलिया स्टोन, सुशील ग्रिट, विक्रम स्टोन, योगी स्टोन, गायत्री स्टोन, वैभव कंस्ट्रक्शन, बंटी स्टोन, जिंदल स्टोन, विक्रम सेवा समिति, मनीष स्टोन, भगवती स्टोन, जय भवानी स्टोन प्लांट को सील कर स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। क्रशर प्लांटों पर सीजिंग की कार्रवाई शुक्रवार रात आठ बजे शुरू हुई जो शनिवार की सुबह तक जारी रहा। टीम में ओबरा एसडीएम जैनेंद्र सिंह, तहसीलदार सुनील कुमार, खान निरीक्षक विकास कुमार परमार, खनिज सर्वेक्षक एस. पाल, डाला चौकी प्रभारी मनोज कुमार ठाकुर मौजूद रहे।
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डीएम के निर्देश पर बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में संचालित 14 क्रशर प्लांटों को सील किया गया है। कई अन्य प्लांट भी चिह्नित किए गए हैं। बिना परमिट व रायल्टी के अवैध परिवहन व ओवरलोडिंग पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। - जेपी द्विवेदी, जिला खान अधिकारी।