सोनभद्र। संत रविदास जी की 645वीं जयंती बुधवार को जिले में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। जगह-जगह आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर शामिल हुए। लोगों से उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया गया। समाज के लोगों ने पूजापाठ की।
घोरावल विकासखंड के ओदार गांव में संत रविदास मंदिर परिसर में संत शिरोमणि रविदास जी की 645वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। बड़ी संख्या में लोगों ने संत रविदास मंदिर में मत्था टेका। मुख्य वक्ता पूर्व विधायक परमेश्वर दयाल ने कहा कि संत रविदास ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता एवं अंधविश्वास को खत्म करने का प्रयास किया। उन्होंने वाह्य आडंबर का विरोध किया। उन्होंने दबे कुचले समाज को जागृत किया और उन्हें समाज में सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्य अतिथि बीएचयू की प्रोफेसर डॉ. इंदु चौधरी ने कहा कि संत रविदास का जीवन चरित्र युगों युगों तक पिछड़े व दबे कुचले समाज को प्रेरित करता रहेगा। इस मौके पर सीताराम, राजेंद्र प्रसाद, रामदयाल आदि रहे। इस अवसर पर मेले का आयोजन भी किया गया। मेला परिसर में दर्जनों दुकानें भी लगीं। दुद्धी: ब्लॉक क्षेत्र के बीड़र गांव में ग्राम प्रधान सुरेशचंद की अध्यक्षता में डीहवार बाबा मंदिर परिसर में संत रविदास जयंती कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में गांव के संभ्रांत ग्रामीण मौजूद रहे। सुनील कुमार भारती, मनोज कुमार, श्रवण कुमार, टीपी सिंह आदि ने संत रविदास के जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके पद चिह्नों पर चलने का आह्वान किया। इस मौके पर मटुकधारी, ओमकारनाथ, विंदेश कुमार, बृजकिशोर कुशवाहा, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।