टिकट आवंटन को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा ने बुधवार को जिले की दो अन्य सीटों पर भी अपने उम्मीदवार घोषित कर दिया। राबर्ट्सगंज सीट पर पार्टी ने फिर से विधायक भूपेश चौबे पर भरोसा जताया है। वहीं अपना दल-एस के खाते में रही दुद्धी विधानसभा सीट पर चौंकाने वाला फैसला लेते हुए पार्टी ने रामदुलार गोंड को प्रत्याशी घोषित किया है। यह सीट इस बार भी अपना दल-एस के पाले में जाने का अनुमान लगाया जा रहा था। जिले में दो सीटों पर चुनाव लड़ने का दम भर रहे अपना दल-एस के लिए भाजपा ने एक भी सीट नहीं छोड़ी है।
घोरावल और ओबरा के लिए भाजपा ने पहले ही उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। सबकी निगाहें राबर्ट्सगंज और दुद्धी सीट पर लगी हुई थीं। दोनों सीटों पर टिकट के लिए पार्टी में कई वरिष्ठ नेताओं ने दावेदारी कर रखी थी। आला कमान के आश्वासन के कारण वह लगातार लखनऊ में जमे हुए भी थे। उधर, सहयोगी अपना दल-एस भी यहां से अपने उम्मीदवार उतारने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए था। पहले दोनों सीटें सहयोगी दल के खाते में जाने की चर्चाएं तेज हुईं, फिर बीते साल की तरह इस बार भी दुद्धी सीट अपना दल-एस को मिलने के दावे होने लगे थे। बुधवार को भाजपा की सूची जारी होते ही हर तरह की अटकलों पर भी विराम लग गया। राबर्ट्सगंज सीट से पार्टी ने भूपेश चौबे को फिर से उम्मीदवार बनाया है। इसकी घोषणा के बाद समर्थकों ने बढ़ौली चौराहे पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई। उधर, दुद्धी सीट से रामदुलार गोंड के नाम का एलान चौंकाने वाला रहा। म्योरपुर ब्लाक के रासपहरी ग्राम निवासी रामदुलार करीब दस वर्षों तक ग्राम प्रधान रहे। उनकी पत्नी सुरतन देवी भी एक बार प्रधान रही हैं। वर्तमान में रामदुलार भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं। वह सपा प्रत्याशी व पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड के करीबी भी रहे हैं।
कप प्लेट नहीं, ईवीएम में दिखेगा कमल
वर्ष 2017 में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई दुद्धी विधानसभा सीट भाजपा ने पिछली बार सहयोगी दल को सौंप दी थी। तब भाजपा-अपना दल-एस के संयुक्त उम्मीदवार हरिराम चेरो कप प्लेट के चुनाव निशान पर निर्वाचित हुए थे। इस बार भी आदिवासी बहुल इस सीट को लेकर ऐसे ही कयास लगाए जा रहे थे। ऐन वक्त पर पार्टी ने सहयोगी दल से सीट छीनते हुए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि दुद्धी के ईवीएम में इस बार कप प्लेट नहीं, कमल का फूल ही नजर आएगा। अपना दल-एस के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल ने गठबंधन की शर्तों का पालन करते हुए जिले की चारों सीटों पर भाजपा को जिताने के लिए पुरजोर प्रयास करने की बात कही।
बसपा ने सुभाष और हरिराम को बनाया प्रत्याशी
भाजपा से कुछ देर पहले ही बुधवार को बसपा ने भी ओबरा और दुद्धी सीट पर अपने पत्ते खोल दिए। दो दिन पहले ही अपना दल-एस छोड़कर बसपा में शामिल हुए हरिराम चेरो को दुद्धी से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं ओबरा से सुभाष खरवार को प्रत्याशी घोषित किया है। पूर्ववर्ती बसपा सरकार में सुभाष कई पदों पर भी रह चुके हैं। आदिवासी वर्ग में गोंड के बाद यहां खरवार जाति की अच्छी तादाद है।