निर्माण कार्यों के लिए वर्षा काल में भी बालू की उपलब्धता बनाए रखने के लिए स्थापित भंडार स्थलों से बालू की निकासी सीसी टीवी कैमरे की निगरानी में होगी। डीएम के निर्देश पर खनिज विभाग की ओर से सभी छह भंडार स्थलों पर सीसी टीवी कैमरे लगवाए गए हैं। जल्द ही वहां से बालू परिवहन आरंभ कराया जाएगा।
बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 30 जून के बाद से जिले में बालू का खनन बंद हो जाता है। कम उपलब्धता का असर इसके दाम पर पड़ता है। डेढ़ से दो गुना दामों पर बालू बिक्री होने से निर्माण कार्य प्रभावित होते हैं। बाजार में बालू की उपलब्धता बनाए रखने के मकसद से शासन के निर्देश पर छह भंडारण गृह स्थापित किए गए हैं। यहां पहले से एकत्रित बालू की नियमित निकासी जारी रहेगी। यहां से ओवरलोडिंग रोकने के लिए भी प्रशासन गंभीर है। डीएम ने सभी स्थलों पर सीसी टीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि यहां से निकलने वाले वाहनों पर निगरानी की जा सके। अगर कोई वाहन निर्धारित मात्रा से अधिक परिवहन करता है या बिना परमिट के चलता पाया गया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक टीम इसके डीवीआर के माध्यम से नियमित जांच करेगी। डीएम के निर्देश पर कैमरा लगाने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। वरिष्ठ खान अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि बालू की उपलब्धता बनाए रखने के लिए छह स्थानों पर भंडारण के लिए अनुमति दी गई थी। सभी स्थानों पर कैमरे लगा दिए गए हैं। जल्द ही यहां से निकासी की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
चार स्थानों पर लगे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस डिवाइस
खनिज पदार्थों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर निगरानी के लिए आधुनिक साधनों का सहारा लिया जा रहा है। फिलहाल चार स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस डिवाइस लगाया गया है। म्योरपुर, सिंदुरिया में दो-दो डिवाइस लगाए जा चुके हैं। जल्द ही लोढ़ी और जिले की सीमा पर सुकृत में भी डिवाइस फिट कराया जाएगा। इसकी मदद से उन वाहनों का सीधे चालान कट जाएगा, जो बिना परमिट और ओवरलोड संचालित हो रहे होंगे।