फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ और केंद्रों पर बंद हुई खरीद अब 18 संचालित

विज्ञापन
विज्ञापन
शासन ने धान खरीद के लिए भले 28 फरवरी की तिथि तय की हो मगर समय सीमा के पहले ही क्रय केंद्रों पर ताले लटकने लगे हैं। सौ केंद्रों पर शुरू हुई जिले में खरीद अब सिर्फ 18 तक सिमट गई है। पिछले सप्ताह यह 26 केंद्रों पर चल रही थी। एक-एक कर क्रय केंद्रों पर ताले लटकते जा रहे हैं जबकि अभी तक तमाम किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं। नजदीकी क्रय केंद्र बंद होने के बाद उन्हें एक जगह से दूसरी जगह धान लेकर भटकना पड़ रहा है। विभाग क्रय केंद्रों को बंद करने के पीछे लक्ष्य पूरा होने की दलील दे रहा है।
विज्ञापन

नवंबर से शुरू हुई जिले में धान खरीद के लिए जिले में 100 केंद्र बनाए गए थे। केंद्रों की संख्या बढ़ाने के लिए मंशा थी कि किसान अपने नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपज बेच सकेंगे मगर खरीद प्रक्रिया की खामियों से किसानों को इसका बहुत लाभ नहीं मिल पाया। बार-बार नियम बदलते रहे और किसान चक्कर लगाने में ही उलझकर रह गए। तब तक दिसंबर खत्म हो चुका था। जनवरी में जब खरीद ने रफ्तार पकड़नी शुरू की तो लक्ष्य पूरा होने का हवाला देते हुए केंद्रों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जनवरी के अंत तक 74 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए थे। एफसीआई के एक समेत कुल 26 केंद्रों पर खरीद चल रही थी। अब फिर से आठ केंद्रों पर ताला लटक गया है। जिले में सिर्फ 18 केंद्रों पर ही खरीद प्रक्रिया चल रही है। इसमें एक केंद्र एफसीआई का है जबकि अन्य 17 केंद्र विपणन विभाग के हैं। बिना सूचना के बंद किए गए केंद्रों के किसान अपने धान को लेकर एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर घूम रहे हैं। अधिक धान और खरीद कम होने की वजह से एक बार के लंबे इंतजार के बाद दूसरे केंद्रों पर भी जाकर इंतजार करना पड़ रहा है। धान खरीद बंद होने में एक सप्ताह का ही समय शेष है और केंद्रों पर किसानों की भीड़ भी बरकरार है। किसानों को फसल खरीद न हो पाने का भी डर सता रहा है।
1.70 लाख एमटी पहुंचा धान खरीद का आंकड़ा
जिले में धान खरीद के लिए निर्धारित 1.69 लाख एमटी टन के लक्ष्य के सापेक्ष 1.70 लाख एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। इसके बाद भी काफी मात्रा में किसानों की खरीद नहीं की जा सकी है। धान खरीद की गई 1.70 लाख एमटी धान क्रय होने के बीच 1.53 एमटी धान मिलर्स को डिलेवर भी करा दिया गया है।
विज्ञापन

खरीद शत प्रतिशत होने के बाद धीरे-धीरे शासन स्तर से केंद्रों को बंद किया जा रहा है। पहले 74 केंद्रों को बंद किया गया। उसके बाद आठ और केंद्रों को बंद कर दिया गया। अब जिले में कुल 18 केंद्र ही संचालित हो रहे हैं। किसानों के फसल की तय समय तक खरीद की जाएगी। - संजय पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें