दुद्धी। कस्बे में स्थित क्रय विक्रय परिसर में मंगलवार को एलडीबी बैंक प्रतिनिधि पद के लिए मतदान हो रहा था। सोशल डिस्टेसिंग का उल्लंघन करते हुए एक साथ कई मतदाता मतदान करने के लिए परिसर में प्रवेश करने लगे तो सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। इसको लेकर फोर्स और मतदाताओं में तकरार शुरू हो गई। कुछ लोग पुलिस कर्मियों पर चुनाव में खलल पैदा करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। पुलिस ने सभी को खदेड़ दिया। मामला गंभीर होते देख पीठासीन अधिकारी ने चुुनाव स्थगित कर दिया। इसकी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजी जा रही है।
उम्मीदवार मनोज मिश्रा ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान पीएसी ने उनकी और उनके कई समर्थकों की पिटाई कर उनके मतदाताओं को तितर-बितर कर दिया गया। कहा कि विपक्षियों के इशारे पर तहसील के प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों ने उनके समर्थकों पर यह कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक मतदाता पर्ची बना रहे थे। वहां पर काफी संख्या में मतदाता सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए खड़े थे। योजनाबद्ध तरीके से अचानक पीएसी के जवान पहुंच कर लाठी -डंडे से पीटने लगे और मतदाताओं को विपक्षी उम्मीदवार के खेमे की ओर खदेड़ दिया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम सुशील कुमार यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान कुछ लोग अनायास हंगामा कर विवाद की स्थिति उत्पन्न करने लगे थे। हालांकि सभी को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया। कहा कि कोरोना के चलते काफी कम संख्या में मतदाता पहुंचे थे, इसलिए चुनाव को स्थगित कर दिया गया। वहीं, सीओ संजय वर्मा ने पीएसी के जवानों पर लाठीचार्ज करने के आरोप को निराधार बताया। सीओ का कहना है कि सुरक्षा में तैनात पीएसी के जवानों ने एकत्र होकर मतदान करने जा रहे लोगों को बारी-बारी से जाने को कहा तो वे लोग उनसे तकरार करने लगे। मामला संज्ञान में आने पर मतदाताओं और जवानों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया।