ग्राम पंचायताें में 15वें वित्त और राज्य वित्त आयोग के तहत कराए गए कार्यों के भुगतान में गड़बड़ी सामने आई है। कई पंचायतों ने मजदूरों के खाते में भुगतान न कर वेंडर के खाते में बाउचर से भुगतान किया गया है। प्रारंभिक जांच में करमा, घोरावल और राबर्ट्सगंज ब्लॉक के 35 से अधिक गांवों में अनियमितता सामने आई है।
इन गांवों में बाउचर के माध्यम से 14.90 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। डीपीआरओ ने आपत्ति जताते हुए संबंधित एडीओ पंचायत से इन कार्यों की पत्रावली तलब की है। ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों के भुगतान के लिए पंचायती राज विभाग ने ई-स्वराज पोर्टल विकसित किया है। विशेष परिस्थितियाें को छोड़कर पंचायतों के सभी तरह का भुगतान इसी पोर्टल के माध्यम से करना है।
इसे दरकिनार कर कई पंचायतों में बाउचर के माध्यम से भुगतान की बात सामने आई है। घोरावल, करमा और राबर्ट्सगंज ब्लॉक के गांवों में तीन फर्मों को ही 59 बाउचर से 14.90 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया है। सबसे ज्यादा महादेव इंटरप्राइजेज को 8.29 लाख रुपये दिए गए हैं।
वहीं गुप्ता मशीनरी मार्ट को 3.93 लाख और अनमोल इंटरप्राइजेज को 2.77 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। कई ग्राम पंचायतों से एक ही फर्म को बाउचर से भुगतान को संदिग्ध मानते हुए डीपीआरओ ने इससे जुड़ी पत्रावलियां एडीओ पंचायत के माध्यम से संबंधित प्रधान व सेक्रेट्री से तलब की हैं। माना जा रहा है कि इस तरह के भुगतान कई अन्य पंचायतों में भी किए गए हैं।
इन गांवों में हुआ है बाउचर भुगतान
घोरावल के जमघनी, सीधी, दुगौलिया, मुसरधारा, बरसोत, एनम, जुरौरी कलानी, मराची, ढुटेर, मरसरा, धरसरा, बिछिया, जमगवां, कोलाकरी, ओडहथा, पुरना, नौगांव, ओबराडीह, राबर्ट्सगंज के बहुअरा, परासी पांडेय, गेंगूआर, मानपुर, शिवखरी, भभाइच, बरक, बरवान, बिच्छी, गोरडीहा, सहिजन कला, तरांवा, करमा के जुड़वरिया, सिरसिया, मझुई, बंतरा आदि शामिल हैं।