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Sonebhadra News: प्रिंटर की सुविधा नहीं, मोबाइल में फोटो खींचकर दिखा रहे एक्सरे की रिपोर्ट

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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल में करीब एक माह पहले हड्डी रोग विभाग को एल-2 अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। यहां मरीजों की एक्सरे जांच तो हो रही, लेकिन रिपोर्ट प्रिंट कर नहीं मिल रही।
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मोबाइल फोन पर ही रिपाेर्ट लेकर चिकित्सक को दिखानी पड़ रही है। जिन मरीजों के पास ऐसे फोन नहीं हैं, वह दूसरों से मदद मांग रहे हैं या मायूस लौट जा रहे हैं।
यहां शनिवार को पड़ताल में सामने आया कि एक्सरे की सुविधा बेपटरी हो गई है। एक्सरे कक्ष में संसाधनों का अभाव है। डिजिटल एक्सरे में प्रिंटर नहीं है तो फिल्म भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में मरीज परेशान हो रहे हैं।
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एल-टू अस्पताल में एक्सरे टेबल की बकी खराब है। इससे कमर सहित अन्य एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। चेस्ट एक्सरे के लिए जरूरी स्टैंड भी नहीं है, जिससे सीने और गले का एक्सरे प्रभावित है। राॅबर्ट्सगंज निवासी मरीज अखिलेश को जिला अस्पताल की ओपीडी से एलटू अस्पताल भेजा गया था। जब एक्सरे कराने पहुंचा तो संसाधन न होने के कारण कमर और गले के एक्सरे के लिए पुन: जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से जांच के बाद एल-टू अस्पताल दिखाना पड़ा।
प्लास्टर के लिए मांग रहे फिल्म
नगर पालिका में तैनात सूरज जांच कराने के लिए पहुंचे थे। उनके पास इंड्रायड मोबाइल नहीं था। एक्सरे के लिए उन्हें दूसरे का मोबाइल फोन मांगना पड़ा। फ्रैक्चर के कारण डॉक्टर ने प्लास्टर लगाने को कहा। सात सौ मीटर दूर जब वे प्लास्टर के लिए जिला अस्पताल भवन पहुंचे तो कर्मियों ने एक्सरे रिपोर्ट मांगी। इससे वे काफी परेशान दिखे।

मोबाइल के लिए घर लौटा
राॅबर्ट्सगंज निवासी शनि (16) को शरीर में चोट आई थी। अस्पताल में एक्सरे की सलाह दी गई। मोबाइल न होने पर एक्सरे कक्ष से उसे घर भेज दिया गया। सलखन निवासी मयंक (3) को लेकर उसकी मां एक्सरे कराने पहुंची। एक्सरे फिल्म न मिलने और मोबाइल न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
डाला निवासी सुनरा देवी (50) के हाथ में चोट आई थी। एक्सरे कराने पर रिपोर्ट नहीं मिली। बताया गया कि मोबाइल में फोटो खींच लीजिए। बहुआर निवासी गुड्डी देवी को भी पैर की एक्सरे रिपोर्ट नहीं मिली। उनके बेटे ने मोबाइल में फोटो लेकर चिकित्सक को दिखाया। मारपीट के मामले में घायल कोन निवासी रंभा ने एल-टू में हड्डी के चिकित्सक को दिखाया। मोबाइल में ही एक्सरे फिल्म मिली। इसके लिए किसी से मोबाइल मांगना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस पर अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है।
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