शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन भक्तों ने मातारानी के चंद्रघंटा स्वरूप का दर्शन पूजन किया। देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी रही। शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में स्थित देवी मंदिरों में विधि विधान से लोगों ने पूजन किया।
रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित प्राचीन शीतला मंदिर, साईं चौक स्थित दुर्गा मंदिर, पूरब मोहाल स्थित सातो मइया शीतला मंदिर, दंडईत बाबा मंदिर परिसर स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में शनिवार को सुबह से ही दर्शन पूजन करने के लिए भक्तों की भीड़ जुटी रहीं।
मां को प्रिय नारियल, चुनरी, मिश्री, अड़हुल का फूल चढ़ाकर भक्तों ने आराधना की और परिवार में मंगल की कामना की। वहीं चोपन क्षेत्र के डाला बारी स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में कतारबद्ध होकर भक्तों ने पिंडी स्वरूप में विराजमान त्रिदेवियों का दर्शन पूजन किए।
इसके बाद गुफा मार्ग से होते हुए विभिन्न देवी देवताओं के दर्शन पूजन किए। मंदिर आए भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। वहीं विंढमगंज क्षेत्र के सलैयाडीह ग्राम पंचायत में स्थित मां काली मंदिर में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष दर्शनार्थियों ने दर्शन पूजन किया।
मां काली की अद्वितीय प्रतिमा को लेकर ऐसा कहा जाता है कि अंग्रेजी हुकुमत के दौरान आदिवासियों ने क्षेत्र में दैवी आपदा को रोकने के लिए प्रतिमा स्थापित की थी। मंदिर के पुजारी मनोज तिवारी ने बताया कि नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में महिला व पुरुष यहां दर्शन पूजन को आते हैं।