नीट सॉल्वर गैंग में सोनभद्र के एक सीएचसी पर तैनात डॉक्टर का नाम चर्चा में आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। अक्सर विवादों में रहने वाला यह डॉक्टर 12 जनवरी से ड्यूटी से भी नदारद है। अब इस मामले से नाम जुड़ने से चर्चाएं जोरों पर हैं।
बीते 12 सितंबर को सारनाथ स्थित परीक्षा केंद्र पर नीट सॉल्वर गैंग की सदस्य जूली कुमारी और परीक्षा केंद्र के बाहर उसकी मां बबीता कुमारी को गिरफ्तार करते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने गैंग का खुलासा किया था।
इसके बाद पटना निवासी मास्टर माइंड पीके, पटना सचिवालय में लिपिक उसके बहनोई रितेश कुमार सहित 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पांच आरोपियों को पुलिस ने भगोड़ा घोषित किया है। अन्य जिन आरोपियों की तलाश चल रही है उसमें एक नाम जिले में तैनात एक सीएचसी के चिकित्सक का बताया जा रहा है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो यह डॉक्टर 12 जनवरी से नदारद हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र ठाकुर का कहना है कि नीट सॉल्वर गैंग में जिले के किसी डॉक्टर के शामिल होने के संबंध में जानकारी नहीं है और न ही उनके पास कोई लिखित रूप से पत्र आया है। मीडिया के माध्यम से इस तरह की जानकारी मिल रही है। कोई ठोस जानकारी मिलने पर ही कुछ कह सकते हैं।