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Sonebhadra News: भूस्खलन से रेलवे ट्रैक पर गिरा पहाड़ का मलबा, ट्रैक जाम, मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतरा

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उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के चोपन-चुनार रेलखंड पर रविवार की रात भारी बारिश के बीच हुए भूस्खलन से चुर्क-अगोरी स्टेशन के बीच पहाड़ का मलबा रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इससे ट्रैक जाम हो गया।
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चुर्क से चोपन की ओर जा रही मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया। संयोग रहा कि कोई यात्री ट्रेन उस वक्त रूट पर नहीं थी। रात करीब ढाई बजे हुई घटना के बाद रेलवे की टीम ने आठ घंटे मशक्कत कर मलबा हटाकर ट्रैक को दुरुस्त किया।
घटना के चलते त्रिवेणी एक्सप्रेस को चुनार में ही रोक दिया गया, जबकि मूरी एक्सप्रेस को बदले रूट से गुजारा गया। चोपन-चुनार रूट पर चुर्क रेलवे स्टेशन से अगोरी के बीच में रेलवे ट्रैक पहाड़ के बीच से होकर गुजरा है।
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रविवार को दिन और फिर रात में हुई तेज बारिश के चलते पहाड़ का एक हिस्सा धंस गया। भारी मात्रा में मलबा रेलवे ट्रैक पर गिर गया, जिससे ट्रैक जाम हो गया। घटना पिलर संख्या 159/21 से 19 के बीच हुई। इसी दौरान एक मालगाड़ी कोयला लेने चुर्क से चोपन की ओर जा रही थी।
ट्रैक पर नजर पड़ी तो चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की, मगर ट्रेन रुकने तक इंजन के दो पहिए पटरी से उतर गए थे। चालक ने इसकी सूचना तत्काल चुर्क रेलवे स्टेशन पर दी। इसके बाद रेलवे के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए।
इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर ही रोक दिया गया। दूसरे इंजन से मालगाड़ी को वापस चुर्क ले जाया गया। उधर, मजदूरों को लगाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू हुआ। करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद मलबा हटाकर रेल लाइन दुरुस्त किया गया।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि भूस्खलन के चलते मलबा गिरने से ट्रैक जाम हो गया था। डीआरएम हिमांशु बडोनी की देखरेख में तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। सुबह करीब साढ़े बजे मरम्मत पूरा होने पर ट्रेनों का आवागमन शुरू कराया गया।

22 दिन के अंदर दूसरी बार भूस्खलन
जिले में बारिश के दौरान भूस्खलन की पिछले 22 दिनों में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 24 अगस्त को वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर बारिश के चलते पहाड़ी का एक हिस्सा धंसने से मलबा सड़क पर गिर गया था। इससे हाईवे के एक लेन पर आवागमन प्रभावित रहा था। बार-बार ऐसी घटनाओं ने पहाड़ी के किनारे से रेल व सड़क मार्ग पर सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों की चिंता बढ़ा दी है।
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