लाढ़ी स्थित कोविड अस्पताल में मार्कडिल करते स्वास्थ्य कर्मी।
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कोरोना वायरस की संभावित चौथी लहर से निबटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तैयारी चाक चौबंद कर ली गई है। सोमवार को तैयारियों को परखते हुए डाक्टरों की उपस्थिति में मॉक ड्रिल हुआ। इस दौरान मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली गई।
संयुक्त निदेशक मिर्जापुर डॉ. सुबोध सिन्हा व सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर की उपस्थिति में एल-2 अस्पताल में मॉक ड्रिल का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संसाधनों को लेकर अनुस्थापन शुरू कर दिया है। अस्पताल में दवा और बेड जैसे संसाधन की व्यवस्था के लिए सभी को सक्रिय कर दिया गया है। कोविड-19 से निपटने के लिए ट्रेसिंग, ट्रैकिंग ट्रीटमेंट की रणनीति अपनाई जा रही है। सीएमओ ने बताया कि जिले में कोविड-19 को लेकर 560 बेड की व्यवस्था है। कोविड के लिए पांच सरकारी, छह निजी अस्पताल हैं। सीएचसी अनपरा में 50, सीएचसी म्योरपुर में 50, सीएचसी शाहगंज में 50, सीएचसी मधुपुर में 50 बेड और निजी अस्पतालों में जीवन ज्योति क्रिश्चियन हॉस्पिटल में 10, साईं हॉस्पिटल में 10, हिंडाल्को रेणुसागर में 35, हिंडाल्को रेणुकूट में 35, एनटीपीसी शक्तिनगर में 35, एनटीपीसी रिहंद नगर में 35 बेड की क्षमता है। सोमवार को कोविड अस्पताल में छोटे बच्चों को मॉक ड्रिल करके कोविड से बचाव की तैयारियों को परखा गया। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण कर संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
नहीं होगी ऑक्सीजन की समस्या
ऑक्सीजन प्लांट के नोडल अधिकारी डॉ. अमृत राय ने बताया कि जिले में कुल नौ ऑक्सीजन प्लांट तैयार हैं। सभी को पीडियाट्रिक आईसीयू, कोविड वार्ड में जोड़ा गया है। जिला अस्पताल में 1445 एलपीएम क्षमता का प्लांट है। इस तरह से जिले में कुल 3706 एलपीएम क्षमता का प्लांट स्थापित है। 85 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं। 22 से अधिक वेंटिलेटर, बाइपेप हैं। स्टाक के लिए दवाइयां भी मंगवाई जा रही हैं। इससे कोविड मरीजों को ऑक्सीजन की समस्या नहीं होगी।