बेहतर उपचार से मानसिक समस्याएं दूर हो सकती हैं। यह बातें सोमवार को जिला अस्पताल परिसर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर जिला स्वास्थ्य समिति के बैनर तले ‘मेक मेंटल हेल्थ एंड वेलबिंग फॉर ऑल अ ग्लोगल प्रायोरिटी’ थीम पर आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के. कुमार ने कहीं।
सीएमएस ने कहा कि पढ़ाई का दबाव, बेहतर रोजगार और महत्वाकांक्षा के कारण युवा वर्ग तनाव से गुजर रहा है। गांवों में सामाजिक, आर्थिक तानाबाना बदलने से परेशानियां बढ़ी हैं। परिवार टूटने, बेरोजगारी व अशिक्षा के कारण भी मानसिक परेशानियों बढ़ी हैं। मानसिक रोग को दैविक शक्ति न मानकर अस्पताल में उपचार कराएं।
नोडल अधिकारी डॉ. प्रेमनाथ ने कहा कि मानसिक रोग के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। बेहतर उपचार से मानसिक समस्या को दूर किया जा सकता है। मनोचिकित्सक डॉ. राजकुमार ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
साइकेट्रिक सोशल वर्कर सौरभ ने कहा कि तनाव से बचने के लिए पर्याप्त नींद के साथ पौष्टिक आहार के सेवन को प्राथमिकता दें। योग को दिनचर्या में शामिल करें। सोखा-ओझा के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से कराएं उपचार। डॉ. हरिकांत, डॉ. शुभम त्रिपाठी, डॉ. अरुण चौबे, विजय सिंह, सौरभ सिंह, राहुल कन्नौजिया, राकेश कन्नौजिया, विनय श्रीवास्तव, राहुल पांडेय आदि मौजूद रहे।