सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र में चार साल पहले महिला की सिर कूंचकर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्र की अदालत ने दोषी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इस हत्या में शामिल एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि तीसरी महिला अब तक फरार है। उस पर भी आरोप सिद्ध हो चुका है। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विंढमगंज थाने में गुलरिया गांव निवासी जयराम ने 13 जुलाई 2017 को तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी पत्नी फूलवंती देवी झाड़फूंक का काम करती थी। इसकी वजह से गांव की सुरसतिया देवी, सुनीता देवी और सविता देवी उस पर भूत प्रेत करने की शंका करती थी।
सुरसतिया देवी के पति की सर्पदंश से मौत हो गई थी जबकि सुनीता देवी और सविता देवी के बच्चे बीमार हो जा रहे थे। वे इसका जिम्मेदार फूलवंती को मान रही थीं। तीनों ने मिलकर दो जुलाई की दोपहर बाद फूलवंती को बहला फुसला कर बाजार लेकर जाने लगी। रास्ते में तीनों ने मिलकर पत्थर से कूंचकर फूलवंती की हत्या कर शव को पनडुब्बियां पुल के नीचे पानी में डाल दिया। इसी बीच उसका दामाद मनोज आ गया और तीनों औरतों को पुल के नीचे से ऊपर आते हुए देखा तो वे सहम गईं।
पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर सविता देवी को उम्रकैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सजा में जेल में बिताई अवधि समाहित होगी। वहीं विचारण के दौरान सुरसतिया देवी की मौत होने की वजह से मुकदमे से नाम हटा दिया गया, जबकि अदालत में हाजिर न होने की वजह से सुनीता देवी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है।