आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड बनाने के गावों में शिविर लग रहा है। अभियान के चौथे दिन बृहस्पतिवार को करीब साढ़े तीन सौ गांवों में शिविर लगा। अधिकांश शिविरों में वीएलई नहीं पहुंचे। आरोग्य मित्रों द्वारा करीब साढ़े सौ लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड जारी करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया। उधर जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी ने शिविर में न पहुंचने वाले वीएलई का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेज दी है।
बता दें कि सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 26 जुलाई से नौ अगस्त तक गांवों में शिविर लगाकर आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित जिन परिवारों का अभी तक गोल्डेन कार्ड नहीं बना है उनका बनाने का निर्देश दिया है। डीएम ने प्रतिदिन शिविरों में तीन हजार कार्ड बनवाने का लक्ष्य दिया है, लेकिन अधिकांश शिविरों में वीएलई के न पहुंचने से दस से 15 प्रतिशत ही कार्ड बन पा रहा है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एसके जायसवाल को शिविर न पहुंचने वाले वीएलई के खिलाफ रिपोर्ट देने और आरोग्य मित्र समेत अन्य कर्मियों के माध्यम से अधिक से आधिक कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है। डीएम ने सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा और डीडीओ को भी शिविरों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है। आयुष्मान योजना केप्रभारी डॉ. एस.के जायसवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब साढ़े तीन सौ गांवों में शिविर लगाकर लगभग साढ़े छह सौ लोगों का कार्ड बनाने के लिए रजिस्ट्रेन किया गया है। गिने-चुने शिविरों में ही वीएलई पहुंचे थे, इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
गांवों में शिविर लगाकर आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं सीएम जन आरोग्य योजना के तहत चयनित जिन परिवारों का अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, उनका बनवाया जा रहा है। जिले स्तर पर बने कंट्रोल रूम से शिविर में न पहुंचने वाले वीएलई के बारे में सूचनाएं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है। अभी तक 40 से अधिक बीएलई के खिलाफ भेज चुके है, जल्द अन्य के खिलाफ भेजेंगे। - रामबाबू त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी सोनभद्र।