सोनभद्र। जिले में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों को जारी पट्टे की भूमि पर अवैध ढंग से खनन माफिया ने मिलीभगत कर अपने नाम खनन का पट्टा करा लिया है। इसकी शिकायत एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान तक पहुंची है। उन्होंने अपने स्तर से मामले की जांच शुरू कर दी है। इससे नियमों को ताख पर रखकर खनन पट्टा कराने वालों में खलबली मच गई है।
रविवार को ओबरा में बिरसा मुंडा फाउडेंशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की सचिव शांति वर्मा ने एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने आरोप लगाया कि गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट के अंतर्गत एससी-एसटी के भूमिहीन, खेतीहर मजदूरों को आवंटित भूमि का नियम विरुद्ध अंतरण व व्यापारिक उपयोग के लिए पट्टे की भूमि में खनन पट्टा कराकर पुन: आवंटियों को भूमिहीन बना दिया गया है। कहा कि गर्वमेंट ग्रांट की आवंटित भूमि पर पट्टाधारक कृषि कार्य कर सकते हैं। कृषि कार्य के अतिरिक्त किसी अन्य प्रयोजन में उपयोग नहीं कर सकते हैं, लेकिन ओबरा तहसील के ग्राम बिल्ली-मारकुंडी में कई अनुसूचित जाति के पट्टे की भूमि को सामान्य वर्ग के प्रभावशाली लोग अपने दबंगई के दम पर खनन लीज कराकर बड़े पैमाने पर खनन करवा रहे हैं। इस संबंध में एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान ने कहा कि कृषि कार्य के लिए आवंटित पट्टे पर प्रभाव के बल पर अवैध तरीके से पट्टाधारकों से सहमति लेकर खनन कराने की शिकायत मिली है। प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। जरूरत पडने पर राजस्व मंत्री और मुख्यमंत्री को भी मामले से अवगत कराया जाएगा।