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सोनभद्र में अवैध खनन मामलाः डीएम के बाद अब खनिज लिपिक और खनिज मुहर्रिर भी निलंबित, अवैध वसूली का आरोप

Sat, 07 May 2022 05:01 PM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, सोनभद्र

सार

सोनभद्र जिले में अवैध खनन को प्रश्रय देने के मामले में पूर्व डीएम टीके शीबू को निलंबित किया गया था। अब इसी मामले में खनिज लिपिक और खनिज मुहर्रिर को भी निलंबित कर दिया गया है।
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खनिज लिपिक और खनिज मुहर्रिर निलंबित
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विस्तार
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यूपी के सोनभद्र में अवैध खनन, परिवहन और वसूली के मामले में सरकार की कार्रवाई का सिलसिला जारी है। शासन ने अब खनिज लिपिक और खनिज मुहर्रिर को भी निलंबित कर दिया है। दोनों पर दलालों से सांठगांठ कर रोजाना खनिज बैरियर पर ट्रकों से लाखों रुपये की अवैध वसूली का आरोप है।

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इससे पहले खनिज विभाग में तैनात ज्येष्ठ खान अधिकारी समेत चार अफसरों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। अवैध खनन को प्रश्रय देने में ही पूर्व डीएम टीके शीबू को भी निलंबित किया गया था।गिट्टी, बालू के अवैध खनन को लेकर सोनभद्र हमेशा से सुर्खियों में रहा है।

विधानसभा चुनाव के दौरान जमकर हुई थी मनमानी

सरकार को इससे बड़ा राजस्व भी मिलता है, मगर पिछले कुछ महीनों से जिम्मेदारों ने इसे अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया था। विधानसभा चुनाव के दौरान जमकर मनमानी हुई थी। लिहाजा दोबारा सत्ता संभालने के बाद से ही योगी सरकार इस मामले में सख्त है। अवैध खनन व वसूली को प्रश्रय देने के आरोप में मुख्यमंत्री ने पहले तत्कालीन डीएम टीके शीबू को निलंबित किया था।

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संयुक्त निदेशक को सौंपी गई जांच

इसके बाद भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने नौ अप्रैल को ज्येष्ठ खान अधिकारी जनार्दन प्रसाद द्विवेदी, खान अधिकारी विकास सिंह परमार, वीरेंद्र प्रताप सिंह और खान निरीक्षक सुखेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। अब इसी क्रम में खनिज मुहर्रिर कुंदन कुमार और खनिज लिपिक कमला शंकर उपाध्याय पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।
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निदेशक डॉ. रोशन जैकब की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों से दोनों के विरुद्ध खनिज बैरियर से परिवहन कर रहे ट्रकों से रोजाना लाखों रुपये अवैध वसूली करने, सहयोगियों के मिलीभगत से अवैध खनन, परिवहन, वसूली कराकर धनोपार्जन करने और सक्रिय दलालों के साथ ओवरलोड वाहनों को छोड़ने का अपकृत्य कार्य किया जाना पाया गया है।

दोनों को निलंबित करते हुए मामले की विस्तृत जांच संयुक्त निदेशक अमित कौशिक को सौंपी गई है। एक के बाद एक कार्रवाई के बाद खनिज विभाग व इससे जुड़े लोगों में खलबली मच गई है।
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