इसके बाद भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने नौ अप्रैल को ज्येष्ठ खान अधिकारी जनार्दन प्रसाद द्विवेदी, खान अधिकारी विकास सिंह परमार, वीरेंद्र प्रताप सिंह और खान निरीक्षक सुखेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। अब इसी क्रम में खनिज मुहर्रिर कुंदन कुमार और खनिज लिपिक कमला शंकर उपाध्याय पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।
निदेशक डॉ. रोशन जैकब की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों से दोनों के विरुद्ध खनिज बैरियर से परिवहन कर रहे ट्रकों से रोजाना लाखों रुपये अवैध वसूली करने, सहयोगियों के मिलीभगत से अवैध खनन, परिवहन, वसूली कराकर धनोपार्जन करने और सक्रिय दलालों के साथ ओवरलोड वाहनों को छोड़ने का अपकृत्य कार्य किया जाना पाया गया है।
दोनों को निलंबित करते हुए मामले की विस्तृत जांच संयुक्त निदेशक अमित कौशिक को सौंपी गई है। एक के बाद एक कार्रवाई के बाद खनिज विभाग व इससे जुड़े लोगों में खलबली मच गई है।