आदिवासी लड़कियां पढ़ लिखकर देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं लेकिन जिले में उनके पढ़ने की व्यवस्था ही नहीं है। आदिवासी बाहुल्य दुद्धी में आदिवासी लड़कियों के लिए नि:शुल्क आवासीय उच्च शिक्षा की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। ये मांग रासपहरी स्थित आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के कार्यालय पर जारी अनिश्चितकालीन धरने में तीसरे दिन बृहस्पतिवार को वक्ताओं ने उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार मिशन शक्ति चला रही है और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि विद्यालयों में नि:शुल्क व सुलभ शिक्षा के अभाव में लड़कियां अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं। बभनी के परसाटोला में बना डीग्री कॉलेज, भाठ क्षेत्र के मेडरदह में बना राजकीय मॉडल आवासीय विद्यालय, गुरमुरा में बना राजकीय इंटर कालेज, पिपरखाड़ में निर्मित एकलव्य आवासीय विद्यालय शुरू ही नहीं किया गया है। धरने में आईपीएफ जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, मजदूर किसान मंच जिला संयोजक राजेंद्र प्रसाद गोंड, मंगरू प्रसाद गोंड, मनोहर गोंड, रामविचार गोंड, सुरेश यादव, अकबर गोंड, देवशरण गोंड, हरिप्रसाद गोंड, महिपत गोंड, महावीर गोंड आदि मौजूद रहे।