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नए उद्यमी तैयार करेगा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज

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आदिवासी बहुल जिले में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज ने अनूठी पहल की है। कॉलेज ऐसे युवाओं को मंच देगा जो नई सोच के साथ कोई नया उद्यम या व्यवसाय (आंत्रप्रेन्योर) शुरू करने के इच्छुक हैं। इसकी शुरुआत दो दिवसीय इंडस्ट्रियल कांक्लेव और इंवेस्टर्स मीट से हो रही है। 13-14 मई को होने वाले इस आयोजन में देश-प्रदेश के कई नामी शिक्षाविद, उद्यमी, औद्योगिक प्रतिनिधि और निवेशक जुटेंगे। ऐसे युवाओं का भी जमावड़ा होगा जो स्टार्ट अप शुरू करने जा रहे हैं। नए विचारों के आदान-प्रदान के साथ उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। माना जा रहा है कि इस पहल से जिले में नए उद्यमों की स्थापना होगी और रोजगार नए के द्वार खुलेंगे।
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नीति आयोग की ओर से चिह्नित देश के 112 अति पिछड़े जिले में शामिल सोनभद्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं। पर्यटन, खनिज संपदा और संसाधनों का अपार भंडार होने के बावजूद लघु और मध्यम उद्योग नहीं पनप पाए हैं। ऐसे में यहां के युवाओं को बड़ी संख्या में अन्यत्र पलायन करना पड़ रहा है। तकनीकी शिक्षा के बाद प्रतिभाशाली युवा कुछ नया करना चाहते हैं तो सही मार्गदर्शन के अभाव में बाजार तक पकड़ नहीं बना पाते। इन दुश्वारियों को देखते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज ने पहल की है। नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाले युवाओं की बड़ी संख्या तैयार करने के लक्ष्य के साथ दो दिवसीय कांक्लेव की रूपरेखा तैयार की गई है। कॉलेज के निदेशक डॉ. जीएस तोमर ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में डॉ. अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के कुलपति प्रो. पीके मिश्र के अलावा कई अन्य विवि के कुलपति, बिजनौर, बांदा, कन्नौज, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक, 50 से ज्यादा स्टार्ट अप्स, 30 से ज्यादा उद्यमी, औद्योगिक प्रतिनिधि, कई अन्य कॉलेजों के छात्र आदि शामिल होंगे। वह युवाओं को अपने अनुभवों से मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही उद्यम स्थापित करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने की राह भी सुझाएंगे।
विचारों में दम हुआ तो मिलेगा निवेश भी
नया उद्यम और व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं को अपनी प्रस्तुति का भी मौका मिलेगा। वह मॉडल के माध्यम से अपने काम के बारे में समझाएंगे। अगर उनके विचारों में दम दिखा तो वित्तीय मदद और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। सुदूर गांवों में रहकर छोटे स्तर पर उत्पाद बनाने वाले उद्यमी, व्यवसायी और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का यह बेहतर मौका है।
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जोरों पर चल रही तैयारी
प्रौद्योगिकी विवि से जुड़े किसी कॉलेज में पहली बार हो इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए कॉलेज प्रशासन जोर-शोर से जुटा हुआ है। इक्यूबेशन सेंटर स्थापित कर तैयारियों पर निगरानी की जा रही है। भव्य मंच और पंडाल भी तैयार हो रहा है। कई शिफ्टों में कार्यक्रम संचालित होगा।
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