सोनभद्र। हवा में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। राबर्ट्सगंज में शनिवार को एक्यूआई 165 रहा तो अति संवेदनशील क्षेत्र घोषित अनपरा में यह 199 तक पहुंच गया। इसी से सटे सिंगरौली में प्रदूषण का स्तर 238 रिकार्ड किया गया। वन क्षेत्र होने के बावजूद वायु गुणवत्ता की यह स्थिति आम लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए इस वायु गुणवत्ता में रहना नुकसानदायक हो सकता है। चिकित्सक ऐसे माहौल में मास्क का प्रयोग करने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शुमार सोनभद्र में प्रदूषण नियंत्रण की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। एनजीटी के कड़े निर्देश के बाद शासन ने 20 अक्तूबर से ही अनपरा परिक्षेत्र को हाई पाल्यूटेड एरिया घोषित करते हुए इस क्षेत्र में संचालित पावर व कोल परियोजनाओं, औद्योगिक इकाइयों, क्रशर प्लांट, कार्यदाई संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण के हर संभव उपाय अपनाने के निर्देश दिए थे। बावजूद प्रदूषण की स्थिति बिगड़ती जा रही है। दीपावली पर पटाखों के बेधड़क उपयोग ने हवा की गुणवत्ता बिगाड़ी तो अब ठंड के कारण भी प्रदूषण स्तर में वृद्धि हो रही है। राबर्ट्सगंज नगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 160-170 के बीच बना हुआ है। सबसे चिंताजनक स्थिति सोन नदी के दक्षिण में स्थित चोपन से शक्तिनगर तक अनपरा परिक्षेत्र की है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 199 दर्ज किया गया। जिले की सीमा से सटे मप्र के सिंगरौली में भी वायु गुणवत्ता की स्थिति बेहद खतरनाक श्रेणी में रही। वहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 238 रहा। सुबह और शाम की हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक है।
घर के बाहर मास्क लगाकर ही निकलें
स्पताल के फिजिशियन डॉ. संदीप ने बताया कि प्रदूषण से बचने के लिए घर से बाहर निकलते वक्त मास्क का इस्तेमाल जरूर करें। प्रदूषण बच्चों की स्मरण शक्ति पर भी असर डालता है। गर्भ में पल रहे शिशु पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। कई तरह की बीमारियां गर्भ में ही सामने आ जाती हैं। कई बार उनका शारीरिक विकास नहीं हो पाता है। हर उम्र के लोगों में सर्दी-खांसी बढ़ जाती है। घर से बाहर निकलते वक्त हमेशा मुंह पर मास्क का उपयोग करें। इसके अलावा आंखों पर चश्मा भी लगाएं। ध्यान रखें चेहरे पर लगे मास्क को बार-बार छूना नहीं चाहिए। एक मास्क को एक बार ही प्रयोग करें। एक ही मास्क का प्रयोग बार-बार करके आप वायरस और कई तरह के इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया की चपेट में आ सकते हैं। घर से बाहर तभी बाहर टहलने के लिए निकलें जब पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर कम हो।
अनपरा परिक्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 199 रहा। सिंगरौली की अपेक्षा अपने यहां स्थिति ठीक है। प्रदूषण के स्तर पर निरंतर निगरानी की जा रही है। सर्दी में नमी के कारण धूल-मिट्टी के कण ज्यादा ऊपर तक नहीं जा पाते, जिससे वह एक परत बना लेते हैं। इससे भी वायु गुणवत्ता पर असर पड़ा है। - डॉ. टीएन सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।