जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी ने ऑडिट अनुपालन आख्या न भेजने पर घोरावल, बभनी, दुद्धी और नगवां विकास खंड के अकाउंटेंट का वेतन रोक दिया है। उन्हें पूर्व में भी चेेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद कार्य में सुधार नहीं हुआ। पखवारे भर में आख्या उपलब्ध न कराने वाले अकाउंटेंटों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करते हुए विकास कार्यों को गति देने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद जिले में तैनात कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यों को समय से पूरा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। डीएम टीके शिबू ने लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों को चिह्नित कर कार्यवाही शुरू कर दी है। पिछले दिनों डीएम ने भी लापरवाह कई अधिकारियों का वेतन रोक दिया था। उन्हाेंने सभी विभागाध्यक्षों को लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उसी क्रम में डीडीओ ने काम में रुचि न लेने वाले अधीनस्थों के पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को कई लेखाकार का वेतन रोक दिया। इस संबंध में जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी ने बताया कि घोरावल, बभनी, दुद्धी और नगवा विकास खंड के अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट अनुपालन आख्या नहीं भेजी जा रही है। इसलिए उनका वेतन रोक दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि 15 दिनों के भीतर जो अकाउंटेंट अनुपालन आख्या नहीं भेजेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।