मकरा ग्राम पंचायत में अबूझ बीमारी से जहां मौतों का सिलसिला जारी है, वहीं नए मरीज भी रोजाना मिल रहे हैं। सोमवार को गांव में पांच मलेरिया पीड़ितों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गांव में लगातार मिल रहे मलेरिया पीड़ितों से लोग सहमे हुए हैं। दूसरी तरफ सफाई के अलावा शुद्ध पेयजल का गांव में वितरण किया जा रहा है।
सोमवार को गांव से मलेरिया ग्रसित असवतिया (40) पत्नी रामप्रकाश, आंचल (डेढ़ वर्ष) पुत्री गौरीशंकर, शैलेंद्र (17 ) पुत्र रामजी, रामबाबू (4 ) पुत्र गौरीशंकर, संगीता (डेढ़ वर्ष) पुत्र बसंतधारी को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। रोगियों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार गांव में कैंप कर रही हैं। ग्रामीणों के खून की जांच कर दवा दी जा रही है। इसके अलावा बनवासी सेवा आश्रम की ओर से गांव में जागरुकता के लिए शिविर लगाया गया। आश्रम की टीम ने गांव में शुद्ध पेयजल के सेवन के लिए लोगों को प्रेरित किया। इसके अलावा उन्हें गर्म भोजन करने की सलाह भी दी जा रही है। बीमार लोगों को दवा के सेवन की सलाह दी जा रही है। आश्रम कार्यकर्ता रामचंद्र शुक्ल ने बताया कि उनकी बातों को गांव वाले मान भी रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है तो पानी को उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है।
मलेरिया के 16 नए मरीज मिले
मकरा ग्राम पंचायत में सोमवार को ग्रामीणों के खून की जांच की गई। एसडीएम रमेश कुमार ने बताया कि 194 लोगों के खून की जांच में 16 मलेरिया पॉजिटिव मिले। उन्हें दवा का वितरण किया गया है। चिकित्सकों ने उन्हें लगातार दवा के सेवन सलाह दी है। उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है।