मकरा गांव बुखार से अबूझ बीमारी से मरने वालों के परिजनों को तत्काल पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। गांव में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से स्थिति बेकाबू है। अब भी कई ग्रामीण बुखार से संक्रमित हैं। मकरा गांव में सोमवार को हालात का जायजा लेने पहुंचे कांग्रेस नेता अंकुश दुबे व दयासागर दुबे ने यह आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि बुखार के जानलेवा रुख को देखते हुए गांव में तत्काल सर्व सुविधा युक्त कैंप लगाकर संक्रमितों की जांच, उपचार व आवश्यक दवाएं प्रदान करना निहायत जरूरी है। गांव में अविलंब एंटी लार्वा का छिड़काव कर मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जाए। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि महामारी के रौद्र रूप के बाद स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता संवेदनहीनता का सूचक है। न तो गांव में एंबुलेंस पहुंच पा रही है और ना ही समुचित जांच ही हो पा रही है। यदि स्थिति में तत्काल सुधार नहीं किया गया तो मामले से मानवाधिकार आयोग को भी अवगत कराया जाएगा।