घाटे से जूझ रहा बिजली विभाग बकाया वसूली के लिए हरसंभव कोशिश में जुटा हुआ है। अब लाइन लास वाले इलाकों को चिह्नित कर अभियंताओं को गोद दिया जाएगा। प्रत्येक अभियंता सर्वाधिक लाइन लास वाले एक-एक फीडर को गोद लेकर वहां सघन अभियान चलाएंगे। घर-घर जाकर वह बिजली कनेक्शन और बिल की जांच करेंगे। विभाग ने सौ दिन की कार्ययोजना में इसे शामिल किया है।
ऊर्जा की राजधानी कहे जाने वाले जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। इन्हें 112 फीडरों के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती है। विभाग का करोड़ों रुपये उपभोक्ताओं पर बकाया है। सर्वाधिक बकाए वाले 42 फीडर चिह्नित किए गए हैं। इन फीडरों वाले क्षेत्रों में आपूर्ति की जाने वाली बिजली के सापेक्ष बिल जमा करने वालों की संख्या काफी कम है। बकाया वसूली में जोर-शोर से जुटा विभाग अब इन फीडरों को केंद्र में रखकर विशेष अभियान चलाएगा। लाइन लास वाले प्रत्येक फीडर को एक-एक अभियंता गोद लेंगे। उस फीडर पर बिजली आपूर्ति से लेकर बकाया वसूली, बिजली की चोरी सहित अन्य तमाम बिंदुओं की वह निगरानी करेंगे। लाइन लास वाले फीडरों को घाटे से उबारने वाले अभियंताओं को उनके कार्य के आधार पर प्रोत्साहन भी मिलेगा। वहीं लक्ष्य से पीछे रहने पर कार्रवाई भी होगी। विभाग के एक्सईएन एसके सिंहने बताया कि सर्वाधिक लाइन लास वाले 42 फीडर चिह्नित कर लिए गए हैं। इन्हें अभियंताओं को गोद दिया ता रहा है। यहां छापेमारी की कार्रवाई, प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई और बिजली बिल वसूली की कार्रवाई की जा रही है।