शक्तिनगर। बारिश का क्रम थमते ही प्रदेश में एक बार फिर से बिजली की मांग में इजाफा शुरू हो गया है। शनिवार की सुबह के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे के अंतराल में सूबे में बिजली की मांग में एक हजार मेगावाट से अधिक का इजाफा हुआ है।
शुक्रवार सुबह प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 21674 मेगावाट दर्ज की गई थी, जबकि शनिवार सुबह यह आंकड़ा बढ़कर 22720 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह तक यह 20684 मेगावाट था। बिजली की मांग में उतरोत्तर वृद्धि को देखते हुए थर्मल बैकिंग रोककर सभी इकाइयों को फुल लोड पर संचालित किया जा रहा है। इसके बाद भी रोस्टर के अनुरूप विद्युत आपूर्ति करने के लिए पावर कारपोरेशन को बिजली का आयात करना पड़ रहा है। ऊर्जांचल सहित प्रदेश के विभिन्न इलाकों में की जा रही आपात कटौती के कारण उमस भरी गर्मी में नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शनिवार शाम तक अनपरा ए से 495, बी से 888, डी से 483 और लैंको परियोजना से 1062 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। मौसम के मिजाज को देखते हुए बिजली की मांग में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सभी की निगाहें अनपरा डी की दूसरी इकाई के उत्पादनरत होने पर टिकी है।