पारा लुढ़कते ही प्रदेश में बिजली की मांग बढ़कर 17 हजार मेगावाट पार कर गई है। बादलों की घेरेबंदी के बीच ठंड के बढ़ते असर के कारण मांग में और उछाल की संभावना जताई जा रही है।
लगभग दो माह से प्रदेश में बिजली की मांग 15 से 16 मेगावाट के इर्दगिर्द बनी हुई थी, मगर तापमान गिरने के साथ ही पिछले चार दिनों से मांग में इजाफा होना शुरू हो गया है। शुक्रवार सुबह यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम मांग 17010 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान आंशिक वृद्धि के साथ न्यूनतम मांग भी 9794 मेगावाट रही। मांग में वृद्धि को देखते हुए सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर सभी इकाइयों को फुल लोड पर चलाया गया। इस दौरान सीओडी के बगैर से ही संचालित हो रही हरदुआगंज ई परियोजना से भी पावर कारपोरेशन को बिजली मिल रही है, जिसका भुगतान भी नहीं करना होगा।