सुबह से ही हो रही बूंदाबांदी और कार्यालयों में अवकाश के कारण रविवार को दिन में बिजली की मांग में भारी गिरावट देखी गई। इससे रिहंद हाइड्रो के सभी इकाइयों से सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर विद्युत उत्पादन बंद करा दिया गया।
चार दिन पूर्व से ही आसमान में छाये बादलों के कारण सूबे में बिजली की मांग में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। अधिकतम के साथ न्यूनतम मांग भी कम हो गई है। इसके बाद भी दिन में अमूमन बिजली की मांग 11 हजार मेगावाट के करीब बनी हुई थी लेकिन रविवार सुबह से ही बूंदाबांदी का दौर शुरू हो जाने से बिजली की मांग गिरकर 9656 मेगावाट पहुंच गई। मांग में कमी को देखते हुए सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर रिहंद हाइड्रो का उत्पादन जीरो करा दिया गया। इसके साथ ही निगम के साथ ही निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से भी कुछ देर के लिए थर्मल बैकिंग कराई गई। हालांकि अनपरा परियोजना को थर्मल बैकिंग से मुक्त रखा गया।